5 नहीं, 2 बार ही दूसरे बैंकों के ATM से मुफ्त निकाल सकेंगे पैसा, पढ़ें काम की तीन खबरें
फोटो : प्रतीकात्मक इस्तेमाल।
मुंबई। शहरों में एटीएम कार्डधारक अब दूसरी बैंकों के एटीएम से मुफ्त में दो बार ही पैसे निकाल पाएंगे। इसके बाद हर बार पैसे निकालने पर 20 रुपए का चार्ज देना होगा। पहले यह सुविधा पांच बार तक मिलती थी। ग्रामीण इलाकों में पहले वाली सुविधा जारी रहेगी। उधर, नरेंद्र मोदी सरकार ने तय किया है कि सरकारी कामकाज के लिए जमा कराए जाने वाले कागजात को किसी गैजटेड ऑफिसर या नोटरी से अटेस्ट करवाए जाने की जरूरत नहीं होगी। इन सबके बीच एक और खबर यह है कि हाईवे पर अब आप 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार दौड़ा सकेंगे।
दूसरे बैंकों के एटीएम का दो बार ही मुफ्त में इस्तेमाल
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सभी बैंकों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे ग्रामीण इलाकों के एटीएम कार्डधारकों को उनके आसपास के इलाके में स्थित एटीएम मशीनों का ब्योरा मुहैया कराएं। दरअसल, बैंक काफी वक्त से मांग करते रहे हैं कि दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने की सीमा घटाई जाए। इसके अलावा उनकी यह भी मांग रही है कि मुफ्त सेवा खत्म होने के बाद हर बार पैसे निकालने पर जो चार्ज लिया जाता है उसे बढ़ाया जाए। बैंकों का तर्क है कि दूसरे बैंकों के एटीएम का मुफ्त इस्तेमाल करने संबंधी छूट का गलत इस्तेमाल किया जाता है और खाताधारक ज्यादा से ज्यादा बार पैसे निकालते हैं। इससे बैंकों को नुकसान होता है। बैंकों का यह भी कहना है कि नए सुरक्षा मानकों को लेकर आरबीआई द्वारा जो दिशानिर्देश जारी किए गए हैं उसकी वजह से उनका चार्ज बढ़ गया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सभी बैंकों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे ग्रामीण इलाकों के एटीएम कार्डधारकों को उनके आसपास के इलाके में स्थित एटीएम मशीनों का ब्योरा मुहैया कराएं। दरअसल, बैंक काफी वक्त से मांग करते रहे हैं कि दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने की सीमा घटाई जाए। इसके अलावा उनकी यह भी मांग रही है कि मुफ्त सेवा खत्म होने के बाद हर बार पैसे निकालने पर जो चार्ज लिया जाता है उसे बढ़ाया जाए। बैंकों का तर्क है कि दूसरे बैंकों के एटीएम का मुफ्त इस्तेमाल करने संबंधी छूट का गलत इस्तेमाल किया जाता है और खाताधारक ज्यादा से ज्यादा बार पैसे निकालते हैं। इससे बैंकों को नुकसान होता है। बैंकों का यह भी कहना है कि नए सुरक्षा मानकों को लेकर आरबीआई द्वारा जो दिशानिर्देश जारी किए गए हैं उसकी वजह से उनका चार्ज बढ़ गया है।
खुद अटेस्ट करें कागजात
नरेंद्र मोदी सरकार ने तय किया है कि अब सरकारी कामकाज के लिए जमा कराए जाने वाले कागजात को किसी गैजटेड ऑफिसर या नोटरी से अटेस्ट करवाए जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अब सेल्फ अटेस्टेड डॉक्युमेंट्स यानी खुद ही अटेस्ट किए गए कागजात को बढ़ावा देगी। ऐसा होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए विद्यार्थियों, युवाओं व दूसरे जरूरतमंदों को अब राजपत्रित अधिकारियों या नोटरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नरेंद्र मोदी सरकार ने तय किया है कि अब सरकारी कामकाज के लिए जमा कराए जाने वाले कागजात को किसी गैजटेड ऑफिसर या नोटरी से अटेस्ट करवाए जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार अब सेल्फ अटेस्टेड डॉक्युमेंट्स यानी खुद ही अटेस्ट किए गए कागजात को बढ़ावा देगी। ऐसा होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए विद्यार्थियों, युवाओं व दूसरे जरूरतमंदों को अब राजपत्रित अधिकारियों या नोटरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके अलावा हलफनामे की जगह भी स्व सत्यापित दस्तावेज ही पर्याप्त होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि स्व-प्रमाणन की व्यवस्था के तहत आखिरी चरण में दस्तावेजों की असली प्रतियां सौंपनी होंगी। केंद्र की ओर से अपने सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को इस आशय का निर्देश भेज दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात ट्वीट कर खुद इस बात की जानकारी दी। केंद्र सरकार के सभी सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रांतों के प्रशासकों को भेजे संदेश में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने कहा, ‘प्रमाणित प्रति या हलफनामा हासिल करने में न सिर्फ गरीब नागरिकों का पैसा खर्च होता है, बल्कि इससे नागरिकों और सरकारी अधिकारियों का समय भी बर्बाद होता है।’
हाईवे पर भरिए फर्राटा
केंद्र सरकार ने देश के तमाम हाईवे पर गाडि़यों की अधिकतम रफ्तार बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत कार को 100 किलोमीटर प्रति घंटा, माल ढुलाई करने वाली गाडि़यों को 80 और मोटरसाइकिलों को 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति दी जाएगी। क्वाड्रिसाइकल्स के लिए यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। फिलहाल हाईवे पर निजी कारों के लिए कोई रफ्तार तय नहीं है। कमर्शियल कारों के लिए अधिकतम 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तय है तो मोटरसाइकिल के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तय है। भारी और हल्के पैसेंजर और कमर्शियल गाडि़यों के लिए यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा है।
केंद्र सरकार ने देश के तमाम हाईवे पर गाडि़यों की अधिकतम रफ्तार बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत कार को 100 किलोमीटर प्रति घंटा, माल ढुलाई करने वाली गाडि़यों को 80 और मोटरसाइकिलों को 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति दी जाएगी। क्वाड्रिसाइकल्स के लिए यह 70 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। फिलहाल हाईवे पर निजी कारों के लिए कोई रफ्तार तय नहीं है। कमर्शियल कारों के लिए अधिकतम 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तय है तो मोटरसाइकिल के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तय है। भारी और हल्के पैसेंजर और कमर्शियल गाडि़यों के लिए यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा है।
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