राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी!, बाबूसिंह राठौड़ को लेकर आया ऐसा बड़ा अपडेट, सीएम भजनलाल की हुई एंट्री

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rajasthan politics : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ (Shergarh MLA Babusingh Rathore) के बीच चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए आखिरकार जयपुर की एंट्री हो ही गई। चामू पुलिस थाने के बाहर धरना दे रहे विधायक राठौड़ के पास जयपुर से फोन आया और धरना खत्म कर दिया गया। बताया तो यह भी जा रहा है कि दिल्ली के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद राठौड़ को फोन किया और जयपुर बुलाया है। मुख्यमंत्री के बुलावे पर शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह शुक्रवार शाम को ही जयपुर के लिए रवाना हो गए। वे शनिवार सीएम से मुलाकात करेंगे। सियासी गलियारों में सीएम व विधायक की इस मुलाकात को काफी अहम बताया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो चली है।

केन्द्रीय मंत्री के विरोध का मामला आधी रात थाने पहुंचा
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत का विरोध करने का मामला इतना गर्मा गया कि यह पुलिस स्टेशन तक जा पहुंचा। जोधपुर ग्रामीण के चामू थानान्तर्गत भालू उदयनगर में कार्यक्रम के दौरान विरोध, राजकार्य में बाधा डालने व पथराव करने का आरोप लगाकर पुलिस ने खुद की तरफ से 11 नामजद व अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। आधी रात पुलिस ने विरोध करने वाले छह-सात जनों को घर से पकड़ा तो शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ व पुलिस अधिकारियों में तीखी नोंक-झोंक भी हुई। कार्रवाई के विरोध में विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव में रैली निकाली और थाने के बाहर शुक्रवार दोपहर धरना भी दिया। समझाइश के बाद दोपहर दो बजे तक धरना समाप्त किया गया।

बगावत को दबाने का प्रयास, भितरघात का डर
सड़कों पर आई इस बगावत को भाजपा हर हालत में शांत करवाना चाहती है, लेकिन साथ ही आने वाले लोकसभा चुनाव में बगावत का भी डर है। शेरगढ़ क्षेत्र राजपूत बाहुल्य है और यहां अगर वोट बैंक खिसकता है तो भाजपा को नुकसान हो सकता है। कांग्रेस ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं और जाति का समीकरण किस तरह का बैठता है, उस पर भी सभी की नजर है।

जयपुर ने शुरू किया डेमेज कंट्रोल

केंद्रीय मंत्री शेखावत को इस बार फिर से लोकसभा का टिकट दे दिया गया है। टिकट घोषणा से पहले भी शेरगढ़ क्षेत्र में एक कार्यक्रम में विधायक राठौड़ शेखावत पर हमलावर हो चुके थे, लेकिन अब क्षेत्र में काले झंडे दिखाने और नारेबाजी को दिल्ली और जयपुर आलाकमान ने गंभीरता से लिया है। खुद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं ने इस मामले को निपटाने की पहल की है।

पुलिस ने ज्यादती की
जिन्होंने गलत किया, उन पर पुलिस की कार्रवाई हो तो ठीक है, लेकिन जो वहां मौजूद नहीं थे, उनको भी पुलिस ने पकड़ लिया। महिलाओं को परेशान किया। कार्यकर्ताओं में रोष था तो मुझे कार्यकर्ताओं के साथ जाना ही था। मुख्यमंत्री का फोन आया था, इसलिए मैं जयपुर के लिए निकल गया हूं। शनिवार सुबह उनसे मुलाकात होगी।

- बाबूसिंह राठौड़, विधायक, शेरगढ़

कार्यक्रम के दौरान राजकार्य में बाधा डालने व पत्थर फेंकने के संबंध में एफआइआर दर्ज की गई है। छह-सात जनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अभी कोई गिरफ्तार नहीं है। वीडियोग्राफी से जांच की जा रही है।

- धर्मेन्द्रसिंह, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जोधपुर

परिवार का मामला
यह हमारे परिवार के आपस का मामला है। किसी बात को लेकर नाराजगी थी। बातचीत के बाद मामला सुलट गया है।
- मनोहर पालीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष, देहात उत्तर

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भारतीय जनता पार्टी एक परिवार है। परिवार के बीच में अगर कोई कोई विषय है तो उसे हम सभी मिल बैठकर समाप्त करेंगे’
- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार

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