ये है राजस्थान का सबसे अनोखा शहर, जहां महज एक 'रंग' हर साल कराता है अरबों की कमाई, जानिए कैसे

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सौरभ पुरोहित

Blue City Jodhpur : राजस्थान की सांस्कृतिक नगरी जोधपुर को पर्यटन इंडस्ट्री की लाइफ लाइन भी माना जाता है और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है ब्ल्यू सिटी से। जी हां, भीतरी शहर से ही पर्यटन के लिहाज से सरकार को टूरिस्ट सीजन के 8 माह में 195 छोटे-बड़े हेरिटेज गेस्ट हाउस से 16 करोड़ 84 लाख 80 हजार रुपए टैक्स मिलता है, जबकि इन आठ माह में करीब 1 अरब 40 करोड़ 40 लाख का कारोबार सिर्फ गेस्ट हाउस संचालक करते हैं। अगर सरकार इस पूरे फंड का केवल एक से दो प्रतिशत भीतरी शहर को ब्ल्यू सिटी के रूप में निखारने के लिए व्यय करे तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही जोधपुर के भीतरी शहर को ब्ल्यू सिटी के रूप में विकसित करने का सपना भी पूरा हो जाएगा।


दरअसल, हर साल अकेले जोधपुर में ही टूरिस्ट सीजन के दौरान लाखों पर्यटक घूमने पहुंचते हैं। 75 फीसदी पर्यटक ब्ल्यू सिटी देखने आते हैं। उन्हें केवल ब्रह्मपुरी सहित कुछ स्थानों पर ही ब्ल्यू सिटी नजर आती है। खुद कारोबारियों का मानना है कि पर्यटन को बढ़ाना है तो जोधपुर को ब्ल्यू सिटी के रूप में विकसित करने की जरूरत है। पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। आमतौर पर पर्यटक पुराने बाजार देखते हैं। इसके अलावा ब्ल्यू सिटी देखने के लिए गूंदी का मोहल्ला से फतेहपोल तक पहुंचते हैं, लेकिन कई स्थान ऐसे हैं, जो अपना पुराना वैभव खो चुके हैं।

टैक्सी चालक: आठ महीने में होती है 6-7 करोड़ की आय
भीतरी शहर में ब्ल्यू सिटी देखने के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों से टैक्सी चालकों को भी रोजगार मिलता है। टूरिस्ट लेकर फतेहपोल पहुंचे टैक्सी संचालक अब्दुल ने बताया कि सीजन के दौरान अच्छी आय होती है। सरकार वाकई में भीतरी शहर में जालोरी गेट से लेकर फतेहपोल तक ब्ल्यू सिटी का लुक कर दे, तो हमारी आय बढ़ेगी। कई ई-रिक्शा भी इस ओर आने शुरू हो जाएंगे, इससे रोजगार मिलेगा। एक अनुमान के आधार पर आठ माह के टूरिस्ट सीजन में शहर के टैक्सी संचालक करीब 6-7 करोड़ रुपए कमाते हैं।

व्यापार विकसित हो जाएंगे, स्टार्टअप शुरू हो सकते हैं
ब्ल्यू सिटी का लुक डवलप करने के साथ ही कई व्यापार विकसित हो सकते हैं। साथ ही जो कारोबार वर्तमान में चल रहे हैं उन्हें और बढ़ावा मिल सकता है। इसमें मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, मसाला उद्योग सहित चमड़ा उद्योग के कारोबारियों को बढ़ावा मिलने के साथ नए स्टार्ट-अप शुरू हो सकते हैं। इससे कई बेरोजगारों को रोजगार मिल सकेगा।

तैयार हो रहा बिल्डिंग बायलॉज का खाका
जयपुर की तर्ज पर जोधपुर नगर निगम उत्तर ने भी ब्ल्यू सिटी को सहेजने को लेकर बिल्डिंग बायलॉज में उप नियम बनाने की कवायद शुरू कर दी है। हेरिटेज पाथ और फतेहपोल से लेकर जालोरी गेट तक ब्ल्यू सिटी की तर्ज पर तैयार करने और मूल स्वरूप में रखने के लिए बायलॉज तैयार किए जा रहे हैं। निगम उत्तर आयुक्त अतुल प्रकाश ने बताया कि पूर्व में बायलॉज बनाने की तैयारी की गई थी। उन बैठकों के मिनिट्स भी देखा जा रहा है। निगम की ओर से जुलाई में भीतरी शहर को ब्ल्यू सिटी के रूप में डवलप करने से पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद इन बायलॉज का उल्लघंन करने पर बकायदा जुर्माना वसूला जाएगा। जो की नोटिफिकेशन के साथ ही तय कर दिया जाएगा।

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युवाओं ने राजस्थान पत्रिका के साथ शुरू की ब्ल्यू सिटी बचाओ की मुहिम
राजस्थान पत्रिका की ओर से भीतरी शहर को ब्ल्यू सिटी की थीम पर तैयार करने के लिए शुरू की गई मुहिम में अब नगर निगम उत्तर के साथ ही बूथ ब्रिगेड भी जुड़ गई है। भीतरी शहर में गूंदी का मोहल्ला, गीता गली, कोलरी, चांद बावड़ी सहित कई क्षेत्रों में यूथ ब्रिगेड ने पुताई का कार्य अपने स्तर पर ही शुरू कर दिया है। नगर निगम ने फतेहपाल से लेकर जालोरी गेट तक और हेरिटेज वार्ड को ब्ल्यू सिटी के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार कर लिया है।

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