जोधपुर। राष्ट्रीय काग अवार्ड लोक साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मूर्धन्य डिंगल कवि व राजस्थानी निबंधकार गिरधर दान रतनू दासोड़ी को प्रदान किया गया। गुजराती लोक साहित्य के पद्मश्री दूला भाया काग बापू की स्मृति में प्रति वर्ष लोक साहित्य व संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पांच विद्वानों को राष्ट्रीय काग अवार्ड दिया जाता है। इनमें चार गुजराती व एक राजस्थानी साहित्यकार का चयन किया जाता है।
कार्यक्रम के संयोजक व निर्णायक समिति के अध्यक्ष प्रो. बलवंत जानी ने बताया कि मुरारी बापू के सान्निध्य में काग बापू के गांव मजादर कागधाम गुजरात में आयोजित समारोह में मुरारी बापू ने रतनू को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिह्न, शाल व इक्यावन हजार की नगद राशि भेंट की। इस अवसर पर रतनू ने अपने उद्बोधन में राजस्थानी की संवैधानिकता मान्यता की मांग का समर्थन करने का निवेदन किया। मुरारी बापू ने राजस्थानी भाषा की मान्यता की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि मैं राजस्थानियों को विश्वास दिलाता हूं कि मैं इस मुहिम में राजस्थानी लोगों के साथ हूं और इसे उचित मंचों पर उठाऊंगा।
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