जोधपुर।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश उदयपुर का फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी पहचान पत्र लेकर एक युवक राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच गया। मुख्य गेट से अंदर जाने के बाद हाईकोर्ट परिसर में चौकी के सुरक्षाकर्मी को संदेह हुआ तो उसे रोक लिया और दस्तावेज चेक करने पर फर्जी निकला। कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी देवेन्द्रसिंह ने बताया कि मूलत: सांचौर में झोटड़ा परावा हाल कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-6 निवासी सुरेश पुत्र मांगीलाल बिश्नोई सुबह हाईकोर्ट परिसर में पहुंच गया। वह मुख्य गेट से होकर अंदर हाईकोर्ट परिसर में चला गया। इस बीच, चौकी में तैनात आरएसी के जवान को उस पर संदेह हो गया। पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया। हाईकोर्ट परिसर में आने का कारण पूछा तो उसने जिला एवं सत्र न्यायालय उदयपुर में लिपिक होने का नियुक्ति पत्र दिखाया। इतना ही नहीं, इस संबंध में उसने अपना पहचान पत्र भी दिखाया। जो प्रथम दृष्टया संदेहास्पद लगे। सुरक्षाकर्मी ने चौकी प्रभारी और फिर पुलिस को सूचना दी। आरोपी को थाने लाया गया, जहां जांच करने पर जिला एवं सत्र न्यायालय उदयपुर में लिपिक का नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र फर्जी पाया गया।
हाईकोर्ट चौकी में पदस्थापित प्रथम बटालियन एफ कम्पनी के सुखराम पुत्र धन्नाराम की तरफ से धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने का मामला दर्ज कर सुरेश पत्र मांगीलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन रिमाण्ड लिया गया है।
हाईकोर्ट में नौकरी व पहचान बताकर ठगी करना चाहता था
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया कि उसने फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान बना रखे हैं। वह हाईकोर्ट परिसर में जाकर न्यायिक अधिकारियों व हाईकोर्ट कर्मचारियों के साथ भी फोटो खींचवाने के लिए अंदर घुसा था। इन फोटो के मार्फत वह खुद की ऊपर तक जान पहचान होना बताकर आमजन से धोखाधड़ी करना चाहता था। उसने फर्जी दस्तावेज कहां से बनवाए इस संबंध में जांच की जा रही है।
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