जोधपुर।
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलने के बाद खातों से करोड़ों रुपए निकालने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया। वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की गई है। गिरोह के अन्य आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं।
थानाधिकारी हुकमसिंह ने बताया कि चौपासनी गार्डन के सामने सुगन विहार निवासी खूबचंद पुत्र सेवाराम खत्री गत 4 दिसम्बर को अशोक उद्यान के पास एसबीआइ के एटीएम गया था, जहां उसने एटीएम कार्ड का पिन जनरेट किया। फिर रुपए निकालने के लिए उसने मशीन में एटीएम कार्ड स्वैप किया, लेकिन रुपए नहीं निकले। डिस्प्ले पर मशीन के काम नहीं करना लिखा आया। इतने में वहां मौजूद एक व्यक्ति ने मशीन से रुपए निकालने के लिए मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल दिया। खूबचंद का एटीएम कार्ड लेकर दूसरा बंद कार्ड थमा दिया। फिर रुपए न निकलने पर खूबचंद वहां से निकल गए। वो किसी कार्य से टेलिग्राफ ऑफिस गए और वहां से घर जाने लगे तो बैंक से कॉल आया और खाते से 70 हजार रुपए के लेन-देन की जानकारी दी। तब खाता धारक ने लेन-देन करने से इनकार किया।उसके खाते से 10-10 हजार के चार और 70 हजार का लेन-देन किया गया था। वह तुरंत बैंक पहुंचा और खाता बंद कराया। साथ ही 5 दिसम्बर को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
एटीएम में सीसीटीवी फुटेज और ठग के खाता नम्बर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। इनसे मिले सुराग से नागौर जिले में सुरपालिया थानान्तर्गत टालनियाऊ गांव निवासी प्रेम बिकुनियां (26) पुत्र मोटाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया। उससे कार भी जब्त की गई। गिरोह में कुछ और व्यक्ति भी शामिल है। जिनकी तलाश की जा रही है।
कार्ड बदलकर ऐसे करते धोखाधड़ी
पुलिस का कहना है कि आरोपी विभिन्न बैंकों के बंद हो चुके एटीएम कार्ड रखते हैं। कार किराए पर लेकर घूमते हैं। एटीएम पर वृद्ध या महिलाओं को देख रूकते हैं और एटीएम वाली बैंक का कार्ड लेकर रुपए निकालने के बहाने वहां पहुंच जाते हैं। फिर मदद के बहाने पिन नम्बर देख लेते हैं और कार्ड बदल देते हैं। किसी अन्य एटीएम से रुपए निकालकर खाता साफ कर देते हैं। आरोपी प्रेम के खिलाफ विभिन्न जिलों में 12 मामले दर्ज है। उसने दिल्ली, नागौर, बीकानेर, जयपुर आदि शहरों में ठगी की है।
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