यदि आप दर्द निवारक दवा लेते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। आर्थराइटिस, दर्द और बुखार में काम आने वाली मेफ्टाल दवा को लेकर इंडियन फार्माकोपिया कमीशन आईपीसी ने एक अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा है कि यह एसिड साइड इफेक्ट क्रिएट करता है। खास बात यह है कि जोधपुर में यह दवा एक दिन में करीब एक करोड़ की बिक जाती है। इस अलर्ट के असर को लेकर राजस्थान पत्रिका ने कई बड़े डॉक्टर्स से बात की। इनमें से अधिकांश डॉक्टर्स के पास औपचारिक रूप से यह अलर्ट नहीं पहुंचा है, लेकिन उन्हें पिछले तीन-चार दिन में अलग-अलग सोर्स से इसकी जानकारी मिली है।
इसलिए जारी हुआ अलर्ट
आयोग ने जारी अलर्ट में कहा कि फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया डेटाबेस के अनुकूल दवा ड्रेस सिंड्रोम का पता चला है। इस ड्रेस सिंड्रोम के कारण गंभीर एलर्जी हो सकती है। जिसके कारण त्वचा पर लाल दाग, बुखार, चकत्ता, और लिम्फैडेनोपैथी जैसी शिकायत हो सकती है। यह दिक्कत 2 से 8 सप्ताह के बीच हो सकती है।
महिलाएं करती हैं पीरियड पेन में भी उपयोग
इस ड्रग का उपयोग कई बार महिलाए पीरियड पेन को कम करने के लिए भी करती हैं। हालांकि यह कई बार डॉक्टर्स द्वारा प्रिस्क्राइब्ड नहीं है। केमिस्ट एसोसिएशन के सह सचिव अविनाश सिंघी बताते हैं कि करीब एक करोड़ की बिक्री इस फॉमूले की अकेले जोधपुर में हो जाती है।
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बिना डॉक्टरी सलाह के दवा नहीं लेना चाहिए
यह एक पेनकिलर है। मेफेनैमिक एसिड रुमेटाइड आर्थराइटिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस, दर्द, सूजन, बुखार और दांत की दर्द से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका एक विकल्प डोटावेरिन हो सकता है, लेकिन किसी भी चिकित्सक को दिखाए बिना ऐसी दवाइयों का उपभोग नहीं करना चाहिए। एर्नाजेसिक श्रेणी की दवाइयों का वैसे भी बिना चिकित्सक की पर्ची के बेचना मना है। इसके अलावा थोड़ा दर्द होने पर लोग बिना डॉक्टर को दिखाए इसका उपयोग करते हैं जो कि घातक है।
डॉ. इंदू थानवी, सीनियर प्रोफेसर, डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज
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