जोधपुर।
सूरसागर थाना पुलिस ने आयुर्वेद दवाइयों का व्यापार करने के बहाने एक करोड़ रुपए ऐंठने के मामले में आठ माह से फरार आरोपी को महाराष्ट्र के वर्धा जिले से गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि सुखराम नगर निवासी कुलदीपसिंह गहलोत का कुछ समय पहले महाराष्ट्र के वर्धा निवासी प्रदीप दीक्षित से सम्पर्क हुआ था। उसने खुद को राजीव दीक्षित मेमोरियल ट्रस्ट का ट्रस्टी बताया था। आयुर्वेद दवाओं के व्यापार करने के लिए राजस्थान व गुजरात में केयर टेकर नियुक्त किया था। बतौर सिक्योरिटी राशि के एक करोड़ रुपए जमा करवाए गए थे। इतना ही नहीं, दवाओं के गोदाम के लिए 1.16 लाख रुपए मासिक में गोदाम भी लिया गया था। कुछ समय बाद ही प्रदीप ने व्यापार बंद कर दिया था। उसकी सिक्योरिटी राशि व गोदाम किराए के 27 लाख रुपए नहीं दिए गए। आठ माह पहले पीडि़त ने सूरसागर थाने में प्रदीप दीक्षित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। जांच में आरोप सही निकले, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया। इस बीच, उसके बारे में सुराग मिलने पर पुलिस को वर्धा भेजा गया, जहां तलाश के बाद पुलिस ने वर्धा जिले में वरूड़ सेवाग्राम निवासी प्रदीप पुत्र राधेश्याम दीक्षित को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ की जा रही है।
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