जोधपुर।
जाजीवाल कला में सोशल मीडिया के मार्फत मिले अनजान लिंक पर क्लिक करने से न्यायिक कर्मचारी ब्लैकमेलिंग गिरोह के जाल में फंस गया और एक महिला से मीटिंग करवाने के झांसे में आकर 15.82 लाख रुपए गंवा दिए। इतना ही नहीं, गिरोह की युवतियों ने सोशल मीडिया में बदनाम करने की धमकियां भी दी। पीडि़त ने बनाड़ थाने में मामला दर्ज कराया है। Blackmailing with Government employee)
पुलिस के अनुसार न्यायिक विभाग में कार्यरत एक व्यक्ति ने कोमल, साइस्ता श्रेष्ठा, हसीबुल व अन्य के खिलाफ ब्लैकमेलिंग व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि गत अप्रेल में यू-ट्यूब देखने के दौरान एक अनजान ऐप का लिंक मिला। जिस पर क्लिक करने पर कोमल व साइस्ता श्रेष्ठा ने अलग-अलग मोबाइल नम्बर के मार्फत उससे सम्पर्क किया। इन दोनों ने एक महिला से जोधपुर में मीटिंग करवाने का झांसा दिया। इनकी बातों में आने पर युवतियों ने महिलाओं के 7-8 फोटो भेज दिए। जिसमें से पीडि़त ने एक फोटो पर क्लिक किया। इस बीच, पीडि़त के पास एक बार वीडियो कॉल भी आया। साथ ही 18 सौ रुपए, फिर 10500 रुपए और 40 हजार रुपए जमा करवाने का दबाव डाला गया। इसके बाद ही महिला से मीटिंग करवाने की बात कही। पीडि़त ने ई-मित्र के मार्फत सात लाख रुपए भी जमा करवाए। इसके बावजूद उसकी किसी भी महिला से मीटिंग नहीं करवाई गई।
दोनों युवतियां उसे लगातार कॉल कर डराते व धमकाते रहे। उन्होंने धमकाया कि यदि उसने और रुपए जमा नहीं करवाए तो वे उसकी आइडी व दस्तावेज किसी महिला के साथ जोड़कर सोशल मीडिया पर अपलोड करके बदनाम कर देंगी।
इनकी धमकियों के दबाव में आकर पीडि़त ने 24 अप्रेल से 8 सितम्बर के बीच फोन-पे के मार्फत हसीबुल के बैंक खाते में 8,82,000 रुपए जमा करवा दिए। सात लाख रुपए पहले ही जमा करवा चुका था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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