सावधानः हवा के झोंकों संग छलका जवाई बांध, बड़ा अलर्ट जारी

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सिरोही। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध के वर्ष 1957 में बनने के बाद 66 साल में 9वीं बार गेट खुलने वाले हैं। बांध का गेज कुल भराव क्षमता 61.25 फीट के मुकाबले 61.05 पर फीट (7273.50 एमसीएफटी) पर पहुंच गया है। बांध के पानी भराव की कुल क्षमता 7327.50 एमसीएफटी में अब केवल 54 एमसीएफटी पानी आते ही गेट खोल दिए जाएंगे। उधर, बांध क्षेत्र में तेज आंधी चलने पर लहरों के साथ पानी छलकने लगा और नदी में बहने लगा। यह नजारा ऐसा लगा मानो बांध के गेज खुल गए और तेज वेग से पानी बहने लगा है। बिपरजॉय तूफान की झमाझम बरसात के बाद से जवाई बांध और उसके सहायक सेई बांध में जल आवक शुरू हुई। जवाई बांध का गेज तेजी से बढ़ा। सेई बांध में तेज गति से जल आवक हुई। इस पर सेई बांध से पानी को जवाई में अपवर्तित करना शुरू किया गया। हालांकि, मानूसन की बरसात जवाई बांध क्षेत्र में कम हुई, लेकिन सेई बांध में जल आवक जारी रही और उसका पानी जवाई बांध में पहुंचता रहा।

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सेई बांध को खाली करना जरूरी
सेई बांध से पानी को एक टनल के माध्यम से जवाई बांध की तरफ डायवर्ट किया जाता है। इस टनल को गहरा करने का कार्य 16 सितम्बर 2021 को कार्य शुरू किया गया था। सेई बांध में पानी आने पर टनल का कार्य रुक गया था। उस कार्य को 15 सितम्बर 2024 तक पूरा करना है। ऐसे में सेई बांध का पानी खाली करना जरूरी है। इसी कारण सेई का पूरा पानी जवाई बांध में लेना होगा।

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मंद हो गई है आवक
जवाई बांध में इस समय सेई से आ रहे पानी की आवक मंद हो गई है। इसका कारण यह है कि सेई बांध का गेज जो सिर्फ 4.80 मीटर रह गया है। जबकि बिपरजॉय तूफान व मानसून के समय यह 8 मीटर से ऊपर पहुंच गया था। यह पानी निकलने पर ही सेई की टनल को 1.50 मीटर तक गहरा किया जा सकेगा। इसके बाद अधिक पानी जवाई में डायवर्ट होगा। जवाई बांध के गेट खोलने को लेकर अधिशासी अभियंता जवाई नहर खंड की ओर से चेतावनी जारी की गई है। अधिशासी अभियंता गंगाराम ने बताया कि जवाई बांध के गेट खोलने पर जवाई नदी के आस-पास के गांवों और कस्बों के लोगों को नदी के पास नहीं जाने के साथ किसानों, पशुपालकों को नदी क्षेत्र में नहीं जाने को कहा गया है। मवेशियों को भी नदी क्षेत्र में नहीं जाने देने की हिदायत दी है।



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