चार दिन रैकी के बाद लूटे थे 7 लाख रुपए, 12 घंटे में तीनों गिरफ्तार

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जोधपुर।
महामंदिर थानान्तर्गत मण्डोर कृषि उपज मण्डी परिसर में व्यापारी पर जानलेवा हमला कर सात लाख रुपए लूटने के मामले में पुलिस ने शनिवार को तीन युवकों को गिरफ्तार किया। लूट के सात लाख रुपए व बोलेरो कैम्पर बरामद की गई है। इनमें से दो आरोपियों को शिकारगढ़ व पाबुपूरा क्षेत्र में रातभर सर्च करने के बाद तड़के और एक आरोपी को डीपीएस सर्कल पर पकड़ा गया। आरोपियों ने चार-पांच दिन बाइक पर रैकी करने के बाद वारदात की थी। (7 Lakh Rs robbery with businessman)
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमृता दुहन ने बताया कि मूलत: फलोदी हाल महामंदिर तीसरी के बाहर शिवशक्ति नगर गली-4 निवासी प्रेम प्रकाश पुत्र कमल किशोर बेंदा पर मण्डोर मण्डी परिसर में हमला कर सात लाख रुपए लूट लिए गए थे। प्रकरण में मूलत: बाड़मेर जिले के पचपदरा थानान्तर्गत सांइयों की ढाणी हाल पाली रोड पर विनायक विहार निवासी धर्मेन्द्रसिंह (20) पुत्र खरताराम सांई, पचपदरा थानान्तर्गत कालेवा गांव निवासी रणजीत (21) पुत्र बाबूलाल सींगड़ व नारवा गांव में जाखड़ों की ढाणी निवासी मुकेश (22) पुत्र ओमाराम जाखड़ को गिरफ्तार किया गया है। हमले में प्रयुक्त पेपर कटरनुमा हथियार भी बरामद किया गया है।
एडीसीपी नाजिम अली के नेतृत्व में कार्रवाई में एसीपी ओमप्रकाश, पीयूष कविया, लाबूराम, थानाधिकारी मांगीलाल, उदयमंदिर थानाधिकारी भूटाराम, बनाड़ थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह, माता का थान थानाधिकारी शिवलाल मीणा, सूरसागर थानाधिकारी गौतम डोटासरा, बोरानाडा थानाधिकारी देवीचंद ढाका, डीएसटी प्रभारी एसआइ कन्हैयालाल आदि शामिल थे।
दो आरोपियों के हाथ टूटे, प्लास्टर चढ़ावाया
लूट के बाद तीनों आरोपी बिना नम्बर की बोलेरो कैम्पर में भाग गए थे। आर्मी तिरहो के पास रणजीत कैम्पर से उतरकर फरार हो गया था। जबकि अन्य दोनों आरोपी पाबुपूरा में बोलेरो कैम्पर लावारिस छोड़कर शिकारगढ़ व पाबुपूरा में जंगल-दलदल में छुप गए थे। रातभर पुलिस की घेराबंदी के बाद अल-सुबह दोनों को पकड़ा गया था। इनसे पूछताछ में रणजीत की भूमिका का पता लगा। दो टीम पचपदरा भेजी गई, जहां से मिले सुराग के आधार पर डीपीएस सर्कल के पास से रणजीत को गिरफ्तार किया गया। इनसे लूट की राशि भी बरामद की गई है।
कई दिनों से बाइक पर व्यापारी की कर रहे थे रैकी
आरोपियों के पास रुपए नहीं थे। घरवाले भी रुपए नहीं दे रहे थे। तब इन्होंने लूट की साजिश रची थी। मण्डी व्यापारी प्रेमप्रकाश को लूटना तय किया गया। आरोपियों ने बाइक पर चार-पांच दिन तक काली मिर्च के व्यापारी के घर से दुकान और फिर घर लौटने की रैकी की थी। वो शुक्रवार रात आठ बजे घर लौट रहे थे। मण्डी परिसर में बिना नम्बर की कैम्पर में आए लुटेरों ने उसे रोका था। धर्मेन्द्र कैम्पर चला रहा था। रणजीत ने पेपर कटरनुमा हथियार से व्यापारी पर हमला कर सात लाख रुपए का बैग लूट लिया था। व्यापारी के एक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध होने का अंदेशा है। संभवत: उसी ने व्यापारी के बारे में सूचनाएं दी थी। उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घेराबंदी कर मुनादी करवाई, जन सहयोग मांगा
डीसीपी डॉ अमृता दुहन का कहना है कि वारदात होने की सूचना मिलते ही पीसीआर ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी थी। इससे लुटेरों को निकलने का मौका नहीं मिला। पाबुपूरा में बोलेरो लावारिस छोड़ पैदल भागे, लेकिन पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया था। आरोपियों को निकलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने रात में बार-बार मुनादी करवाई। जनता से अनजान या संदिग्ध व्यक्ति नजर आने पर सूचना देने के लिए सहयोग मांगा गया। जिससे लोग भी अलर्ट हुए। पुलिस की मदद की। कुछ अनजान लोगों को पकड़कर भी लाए।



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