जेल में गैंग रेप आरोपियों की शिनाख्त परेड, डीएनए के लिए नमूने एफएसएल भेजे

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जोधपुर।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराने परिसर में हॉकी मैदान पर सामूहिक बलात्कार के आरोपियों की मंगलवार को पीडि़ता और उसके नाबालिग साथी से जोधपुर सेन्ट्रल जेल में शिनाख्त परेड करवाई गई। उधर, पुलिस ने डीएनए जांच के लिए विसरा और तीनों आरोपियों के रक्त नमूने एफएसएल भेजे गए। (JNVU Gang rape)
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त निशांत भारद्वाज ने बताया कि प्रकरण में आरोपी बाड़मेर जिले में शिव थानान्तर्गत उण्डू गांव निवासी समंदरसिंह, भट्टमसिंह व ओसियां निवासी धर्मपालसिंह और छेड़छाड़ के आरोपी कृष्णा गेस्ट हाउस कर्मचारी झुंझुनूं में बगड़ निवासी सुरेश को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया था। सुरेश को छोड़ अन्य तीनों आरोपी बापर्दा गिरफ्तार किए गए थे। ऐसे में तीनों की जेल में शिनाख्त परेड रखी गई।
एसडीएम की मौजूदगी में नाबालिग गैंग रेप पीडि़ता व उसके साथी से समान हुलिए व कद काठी वाले बंदियों के बीच शिनाख्त परेड कार्रवाई गई।
पोक्सो कोर्ट से पुलिस को मिलेगी रिपोर्ट
शिनाख्त परेड पुलिस अथवा जांच अधिकारी की गैर मौजूदगी में होती है, जहां एसडीएम, पीडि़ता और जेल प्रशासन मौजूद रहते हैं। शिनाख्त परेड की रिपोर्ट एसडीएम की ओर से पोक्सो कोर्ट में पेश की जाएगी। रिपोर्ट की सत्यापित कॉपी लेने के लिए पुलिस ने पोक्सो कोर्ट में आवेदन किया है। जो संभवत: बुधवार को मिल सकेगी। उसी से पता लग पाएगा कि पीडि़ता व साथी ने तीनों आरोपियों की पहचान की है अथवा नहीं।
तीनों आरोपियों को आज फिर करेंगे गिरफ्तार
शिनाख्त परेड के बाद अब पुलिस गैंग रेप के तीनों आरोपियों को संभवत: बुधवार को प्रोडक्शन वारंट लेकर फिर गिरफ्तार करेगी। आरोपियों से वारदातस्थल का रूट मैप, वारदात स्थल का मौका मुआयना करवाया जाएगा।
कपड़े, विसरा व रक्त नमूने डीएनए के लिए भेजे
पीडि़ता का मेडिकल करवाने के साथ ही चिकित्सकों ने उसके कपड़े व विसरा प्रिजर्व किए। वहीं, गैंग रेप के तीनों आरोपियों के एफटीए कार्ड पर रक्त नमूने लिए गए। जिन्हें डीएनए जांच के लिए मंगलवार को एफएसएल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट जल्द तैयार करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि चालान पेश करने से पहले डीएनए जांच रिपोर्ट भी मिल जाए।
सजा के लिए डीएनए सबसे महत्वपूर्ण
बलात्कार व पोक्सो के मामले में डीएनए जांच सबसे महत्वपूर्ण मानीं जाती है। उसी से यह शत-प्रतिशत साबित होता है कि पीडि़ता से बलात्कार किया गया था अथवा नहीं। इसके बाद पीडि़ता व चश्मदीद के बयान मायने रखते हैं। इसलिए पुलिस डीएनए जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगवाने की कोशिश कर रही है।



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