फलोदी. रक्त की कमी से किसी के जीवन की सांसे ना थमे, इसके लिए फलोदी के प्रदीप गुचिया ने अनूठा मिशन शुरू किया है। जिसके माध्यम से उन्होंने गत सात सालों में 12 हजार से अधिक व्यक्तियों तक रक्त की बूंदे पहुंचाकर मानव जीवन को बचाने में महती भूमिका निभाई है। जिस पर उन्हें आधा दर्जन से अधिक संस्थाओं ने उन्हें रक्तवीर की पहचान भी देते हुए कईं बार पुरस्कृत किया है।
प्रदीप बताते है कि उन्हें 2016 में डेंगू महामारी के दौरान रक्त की उपयोगिता की जानकारी हुई और इसके बाद उन्होंने पीसीसी सदस्य महेश व्यास के साथ मिलकर रक्तदान करवाने की मुहिम शुरू की, जो अब भी अनवरत जारी है। इस सम्बंध में कईं बार रक्तदान शिविर भी आयोजित करवाए और इमरजेंसी में हर कॉल पर रक्त उपलबध करवाया। गुचिया ने बताया कि वर्ष 2016 में डेंगू महामारी के दौरान रक्त की कमी से जूझ रहे व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए रक्त उपलब्ध करवाने की मुहिम शुरू की थी, जो अब भी अनवरत जारी है।
यह भी पढ़ें : पिता व परिजन करते रहे इंतजार...नर्स बेटे ने निभाया अपना ‘पहला’ फर्ज
उन्होंने बताया कि उनका नेटवर्क अब इतना हो गया है कि वे फलोदी जिला क्षेत्र के फलोदी, बाप, लोहावट के साथ जैसलमेर, बाड़मेर, पोकरण व पाली तक ब्लड की व्यवस्था कर रहे है और अब तक उन्होंने 12 हजार व्यक्तियों तक रक्त पहुंचा कर उनका जीवन बचाने का प्रयास किया है। गुचिया ने बताया कि रक्तदान शिविरों के माध्यम से भी वे रक्तदान करने के लिए अपनी टीम व आमजन को प्रेरित कर रहे है।
यह भी पढ़ें : कुएं में तैरती मिली युवती की अर्द्धनग्न लाश, दुष्कर्म की जताई आशंका
आधा दर्जन संस्थाओं ने किया सम्मान
रक्तदान करवाकर लोगों का जीवन बचाने के प्रेरित करने वाले प्रदीप गुचिया का आधा दर्जन संस्थाओं जिसमें अधिकतर ब्लड बैंक संस्थाएं है सम्मानित कर चुकी है। प्रदीप की फलोदी के साथ आस-पास के गांवों व क्षेत्रों में ब्लड उपलब्ध करवाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी पहचान मिल चुकी है। जिन्होंने जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध करवाकर योगदान दिया है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/lLhmxV1
0 comments:
Post a Comment