जोधपुर में घूमना है तो नो टेंशन...आपके लिए यह सुविधा बनेगी मददगार

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जोधपुर. देश के मेट्रो सिटीज की तर्ज पर जोधपुर में भी इन दिनों पर्यटकों का रुझान रेंट ऑन बाइक स्कीम पर बढ़ रहा है। देसी-विदेशी पर्यटकों के साथ ही पर्सनल काम को पूरा करने के लिए शहर आने वाले लोग बाइक रेंट पर लेना ज्यादा सुविधाजनक मान रहे हैं। इसके चलते शहर में बाइक ऑन रेंट का व्यापार भी बढ़ रहा है। इससे किसी भी स्थल पर जाने में पर्यटकों को भी परेशानी नहीं हो रही है। हालांकि रेंट ऑन बाइक के रजिस्ट्रेशन में इनके संचालकों को थोड़ी परेशानी आती है।

आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जरूरीरेंटल बाइक लेने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करवानी होती है। इसके साथ एक हजार रुपए सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाई जाती है। यह राशि बाइक वापस करने के समय ही लौटा दी जाती है। विदेशी पर्यटकों को इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी जमा करानी पड़ती है। सड़क सुरक्षा को लेकर बाइक एजेंसी की ओर से ग्राहकों को दो हेलमेट भी दिए दिए जा रहे है।

सीजन में पर्यटक आते है ज्यादा

रेंट ऑन बाइक देने वालों के अनुसार अक्टूबर से लेकर फरवरी तक टूरिस्ट सीजन के दौरान पर्यटक ज्यादा आते है। सीजन में शहर में एक दिन में हर सेंटर से करीब 15-20 बाइट रेंट पर जाती है, लेकिन ऑफ सीजन में यह संख्या घटकर 5-10 हो जाती है। इन वाहनों में जीपीआरएस की भी सुविधा रहती है। वाहनों का किराया दिन के हिसाब से तय किया गया है। इसमें पेट्रोल बाइक 350 और ई-बाइक का किराया रोजाना का 850 रुपए तक रखा है। पर्यटक सीजन में यह किराया बढ़ भी जाता है।

रजिस्ट्रेशन के लिए लगते है 8-10 हजार

रेंट ऑन बाइक देने वाले अनिल सोलंकी बताते है कि गाडिय़ों का व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है। जिसके लिए आरटीओ से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एक्स्ट्रा 8-10 हजार रूपए जमा करवाए जाते है। उसके बाद ही गाडिय़ों को रोड पर चला सकते है।

टैक्सियों के धक्के नहीं खाने पड़तेहम सिरसा (हरियाणा) से आए है, किसी निजी काम के लिए। हमने बाइक बुक करवाई है। टैक्सियों के धक्के खाने से बेहतर होता है कि बाइक रेंट पर लेकर अपना काम निपटा लें। इससे हमें भी सुविधा होती है।

मंगतराम, व्यवसायी, सिरसा, हरियाणा

कॉलेज का काम जल्द निपटा लियाअहमदाबाद से आज सुबह ही जोधपुर आया हूं। यहां पर कॉलेज में काम था। सुबह यहां आने के बाद बाइक रेंट पर ली और कॉलेज जाकर अपना काम निपटाकर अब बाइक जमा करवाने के बाद वापस अहमदाबाद रवाना हो जाऊंगा। मेरे लिए काफी ईजी बाइक पर जाकर काम करना।

सुदेश व्यास, स्टूडेंट, अहमदाबाद

फैक्ट फाइल

- 12 स्थानों पर मिलती है रेंट पर बाइक

- 15-20 बाइक पर्यटक सीजन में प्रतिदिन ले जाते है पर्यटक- 350-850 रुपए तक होता है किराया

- 8-10 हजार रुपए में होता है आरटीओ रजिस्ट्रेशन---



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