Viral Infection In Jodhpur : मौसम की मार, घर-घर बीमार

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जोधपुर. मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच जुकाम के साथ लोगों को खांसी ने ऐसा जकड़ा कि दवाएं लेने के बाद 10-17 दिन बाद भी निजात नहीं मिल रही है। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे वायरल इन्फेक्शन बता रहे हैं तो आम लोग डरे-सहमे हैं कि कहीं यह कोरोना या टीकाकरण का दुष्प्रभाव तो नहीं है। शहर में जुकाम और ऐसी खांसी के घर-घर मरीज बढ़ रहे हैं... अस्पताल में दिखाने आने वालों का कतार लंबी होती जा रही है। जितने सरकारी अस्पताल या डिस्पेंसरी में दिखाने आते हैं, उससे कई गुना ज्यादा घर बैठे मनमर्जी से एंटीबायोटिक गटक रहे हैं।

पति फर्श पर, कतार में पत्नी

मथुरादास माथुर अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी में लंबी कतार के बीच एक व्यक्ति फर्श पर लेटा हुआ था और उसके उदास बच्चे बैठे थे। नाम पूछने पर वह संकुचाने लगा। लंबी कतार की ओर से इशारा करते हुए उसने बताया कि उसकी पत्नी कतार में लगी है...पता नहीं नंबर लगेगा या नहीं? उसने बताया कि कई दिनों से खांसी आ रही है। खांसी के साथ श्वांस लेने में भी दिक्कत आने लगी है। उसने बताया कि अब तो बुखार भी आने लगा है।

तीसरी बार भी बारी का इंतजार

मथानिया से पावटा जिला अस्पताल में दिखाने आई शांति देवल ने बताया कि दो बार उसे बिना दिखाए ही लौटना पड़ा, क्योंकि उसका नंबर आने से पहले ही ओपीडी बंद हो गई। उसका कहना है कि दो बाद वह खांसी और बुखार दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से लेकर लाैट गई, लेकिन न बुखार टूटा और न ही खांसी ठीक हुई। उसके साथ आए उसके भाई सांवलदान ने बताया कि आज उम्मीद है कि पर्ची बनवाने में उसका नंबर आ जाएगा। उसका कहना है कि डॉक्टर को दिखा भी दिया तो इतनी ही लंबी लाइन दवा काउंटर पर है।

चिंता : 10-15 दिन दवा लेने पर भी जुकाम और खांसी से निजात नहीं।राहत : विशेषज्ञों की राय में सामान्य वायरल इन्फेक्शन। कोविड या टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव नहीं।

बचाव : मास्क लगाएं...डॉक्टर को दिखाएं और कहे अनुसार उपचार लें।

ओपीडी : कहां-क्या स्थितिअस्पताल औसत मरीज गुरुवार को स्थिति

एमडीएम अस्पताल 500 517एमजीएच 800 1000

उम्मेद जनाना हॉस्पिटल 800 659पावटा जिला अस्पताल 1200 1550

मंडोर जिला अस्पताल 800 1200प्रतापनगर जिला अस्पताल 500 626

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

वायरल इंफेक्शन सभी जगह है। संक्रमण या किसी प्रकार की दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं...मन से कोई दवा नहीं लें। आमतौर पर डाॅक्टर को बिना दिखाएं एंटीबॉयोटिक लेकर लोग खुद ही मुसीबत बढ़ा लेते हैं।- डॉ. एम.के. गर्ग, डीड (एडमिनिस्ट्रेशन), एम्स, जोधपुर

वायरल इंफेक्शन के केस पहले भी औसतन रोजाना 70-75 आते थे और अब भी इतने ही केस आ रहे हैं। बीमार होने की स्थिति में तुरंत निकट के अस्पताल या डिस्पेंसरी जाएं। अपनी बीमारी बताएं और परामर्श के बाद ही दवा लें।

राजश्री बेहरा, अधीक्षक, एमजीएच, जोधपुर



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