Fraud : श्रीनगर के फौजी का जोधपुर में क्रेडिट जारी कर यह धोखाधड़ी की...

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।
सेना की एक यूनिट (Army Unit) में श्रीनगर (Srinagar) में पदस्थानापन्न के दौरान एक फौजी के नाम से जोधपुर की निजी बैंक ने क्रेडिट कार्ड (Fake Credit Card issue of an army man of Srinagar) जारी कर दिया। उससे एक लाख रुपए की खरीदारी कर रुपए जमा नहीं कराए गए। लोन की जरूरत होने पर फौजी एसबीआइ बैंक पहुंचा तो सिबिल रिपोर्ट रिपोर्ट खराब मिली। निजी बैंककर्मियों पर मिलीभगत का अंदेशा जताते हुए फौजी ने सरदारपुरा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शेर निवासी मंजीत कुमार पुत्र राजदेव गिरी सैन्यकर्मी है। उसने इंडसइंड बैंक कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि बैंक ने धोखे से उसके नाम का क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया। कार्ड के लिए उसने कभी आवेदन तक नहीं किया था।निजी बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए मंजीत कुमार गिरी के नाम से 11 फरवरी 2021 को आवेदन किया गया था। उस दौरान वह जोधपुर से बाहर पदस्थापित हो चुका था। तब वह यूनिट 2019 मेंट फ्लाइट में श्रीनगर में पदस्थापित था। गत दिनों वह लोन लेने के लिए एसबीआइ बैंक गया तो उसका सिबिल रिकॉर्ड खराब मिला। जिसके चलते उसे लोन देने से मना कर दिया गया।
उसने सिबिल रिपोर्ट निकाली तो पता लगा कि उसके नाम से क्रेडिट जारी हो रखा है। जिसके तहत एक लाख रुपए बकाया है। जबकि उसने कभी क्रेडिट कार्ड जारी तक नहीं कराया था।
फौजी ने कस्टमर केयर पर बात की तो मोबाइल नम्बर के आधार पर उसके नाम से क्रेडिट कार्ड जारी न होने का पता लगा। फिर पेन कार्ड से जांच की गई तो क्रेडिट कार्ड जारी होने की जानकारी सामने आई, लेकिन उसमें मोबाइल नम्बर किसी अन्य के थे।
आरोप : आवेदन पत्र में अधिकांश जानकारी गलत
सैन्यकर्मी का आरोप है कि क्रेडिट कार्ड के आवेदन पत्र और उसके साथ संलग्न दसतावेज की जांच की। उसका पता जोधपुर के हमीद बाग का पता लिखा गया है। हस्ताक्षर भी उसके नहीं थे। मोबाइल नम्बर भी गलत थे। उसकी माता का थान भी गलत लिखा गया था। वह विवाहित है। जबकि आवेदन पत्र में अविवाहित लिखा गया था। पीडि़त को अंदेशा है कि किसी बैंककर्मी ने किसी से मिलीभगत कर आधार व पेन कार्ड की फोटो कॉपी, सैलेरी स्लिप जमा कराकर क्रेडिट कार्ड बनवाया है। फिर उस पर एक लाख रुपए बकाया भी कर दिए थे। मोबाइल नम्बर किसी अन्य के होने से उसे पता नहीं लग पाया था।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/UrIzO50
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment