जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जोधपुर ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम नागौर में कनिष्ठ सहायक को मासिक बंधी के बीस हजार रुपए बतौर रिश्वत लेते बुधवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। डिपो की मैनेजर ऊषा आर चौधरी की भूमिका की जांच की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी डॉ दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि मूलत: नागौर में रोल हाल डीडवाना में राजनगर निवासी हरिप्रसाद पुत्र बजरंग वैष्णव की शिकायत पर नागौर डिपो के कनिष्ठ सहायक लाडनूं तहसील में ढींगसरी निवासी गोपालराम पुत्र रामदेवराम जाट को बीस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उसने नागौर में डिपो के बाहर यह रिश्वत ली थी। तभी निरीक्षक मनीष वैष्णव के नेतृत्व में निरीक्षक राजेन्द्र सिंह व अन्य ने दबिश देकर गोपालराम जाट को गिरफ्तार किया। उसके जैकेट की जेब से रिश्वत राशि बरामद की गई।
प्रति बस दो सौ रुपए व मैनेजर के दस हजार मासिक
शिकायतकर्ता हरिप्रसाद की सात बसें हैं। जो नागौर डिपो में अनुबंध पर संचालित हो रही है। इन बसों का निर्बाध संचालन व बार-बार रूट न बदलने के चलते कनिष्ठ सहायक ने प्रति बस दो सौ रुपए से 14 सौ रुपए मासिक और डिपो मैनेजर ऊषा आर चौधरी के लिए दस हजार रुपए मासिक मांगे थे। दो माह से मासिक बंधी बकाया था।
इस संबंध में बस संचालक ने एसीबी में शिकायत की थी। 6 फरवरी को गोपनीय सत्यापन कराए जाने पर कनिष्ठ सहायक के मासिक बंधी मांगने की पुष्टि हुई थी। ब्यूरो ने बुधवार को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। परिवादी के सम्पर्क करने पर आरोपी कनिष्ठ सहायक श्वित लेने ऑफिस के बाहर आया था, जहां उसने बीस हजार रुपए बंधी लेकर जैकेट की जेब में रखी ली थी।
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