बीस साल चला मुकदमा...फर्जी टीसी बनाने का आरोपी दोषमुक्त
हेडमास्टर के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर से टीसी बनाने का मामला
जोधपुर.मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार ने 20 साल पुराने फर्जी परीक्षार्थी के मामले का निस्तारण करते हुए हेडमास्टर के फर्जी हस्ताक्षर व उनकी मोहर लगाकर टीसी बनाने तथा दसवीं की परीक्षा में बैठने के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
प्रकरण के अनुसार 4 अप्रेल, 2002 को सालवा कलां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यनारायण ने रिपोर्ट देकर बताया कि एक परीक्षार्थी ने फर्जी हस्ताक्षर व स्कूल की मोहर के साथ 9वीं कक्षा की टीसी बनाकर दसवीं की परीक्षा दे दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।आरोपी के अधिवक्ता विशाल सारस्वत ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी के बयान कोर्ट में नहीं करवाने तथा गवाहों के विरोधाभासी बयान होने के आधार पर आरोपी को बरी करने का निवेदन किया, लोक अभियोजक ने आरोपी को सजा देने की मांग की। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को बरी कर दिया।
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