जोधपुर।
भारतीय जनता पार्टी BJP मारवाड़ की धरा से चुनावी शंखनाद करने जा रही है। भाजपा के राजनीतिक चाणक्य व केन्द्रीय गृह मंत्री Amit Shah कार्यकर्ताओं में जान फूंकने आ रहे हैं। CM Ashok Gehlot को घेरने के लिए उन्हीें का गृह नगर चुना गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Satish Poonia ने इसी चुनावी तैयारी को लेकर राजस्थान पत्रिका से Avinash Kewaliya ने बात की।
सवाल - भाजपा ने चुनावी मोड एक्टिव कर दिया है, शुरुआत ओबीसी वर्ग से हो रही तो रोड मैप क्या? जवाब - ओबीसी बड़ा समुदाय है, पार्टी की विचारधारा से जुड़ा है। मोदीजी के आने के बाद पहली बार 27 मंत्री मिले, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला।
सवाल - देशभर में किस प्रकार से ओबीसी वर्ग को संदेश दिया जाएगा?
जवाब - ओबीसी समुदाय भाजपा के साथ जुड़ा है। अमित शाह के इस कार्यसमिति व बूथ सम्मेलन में आने से इसको और गति मिली है। पूरे देश में सकारात्मक संदेश जाएगा। संगठनात्मक तौर पर भाजपा पहले भी बीकानेर-गंगानगर में मोर्चे के सम्मेलन कर चुकी है।
सवाल - केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनावी शंखनाद कर रहे हैं, कितना उत्साह है?
जवाब - अमित शाह के बारे में टाइटल है कि यह आधुनिक राजनीति के चाणक्य हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी व शाह की जोड़ी ने 303 सीटों तक पहुंचाया था। इस बार इस आंकड़े को और आगे बढ़ाना है। राजस्थान विधानसभा चुनावों में तो ऐतिहासिक जीत होने जा रही है।
सवाल - मारवाड़ या जोधपुर को ही चुनावी शंखनाद के रूप में क्यों चुना गया, सीएम के गढ़ को भेदने की नीति बनाई हैं?
जवाब - वैसे तो यह सम्मेलन यहां संयोग से मिला है। लेकिन हम इसका राजनीति लाभ लेना चाहेंगे। हमें राजनीतिक ताकत मिलेगी क्योंकि सीएम खुद वोट बैंक की राजनीति करते हैं। उन्होंने खुद अपने क्षेत्र को अनाथ छोड़ रखा है। कानून व्यवस्था चौपट है, लम्पी का कहर है और विकास में जोधपुर में पीछे है, सड़कें बेहाल दिख ही रही हैं।
सवाल - ओबीसी की सोशल इंजीनियरिंग के बाद अगला लक्ष्य क्या होगा?
जवाब - सिर्फ एक वर्ग की बात नहीं है, सभी वर्ग को साध रहे हैं। जन जनार्दन ने एक बार भाजपा व एक बार कांग्रेस सरकार की बनाई है। इस बार भाजपा भारी बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। एंटी इनकमबेंसी, किसान कर्जा माफी, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर हम कांग्रेस को घेरेंगे। हमारे कार्यकर्ताओं की सक्रियता इस स्तर की है कि पार्टी का बूथ तक सशक्त हो रहा है। पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति समानान्तर चल रही है।
सवाल - संगठन के अलग-अलग गुट किस प्रकार से चुनावी रेल में साथ यात्रा करेंगे?
जवाब - गुटबाजी से कांग्रेस को फर्क पड़ता होगा, भाजपा को नहीं। हमारा आलाकमान मजबूत है। मुख्यमंत्री को लेकर पॉलिटिकल गॉसिप कुछ भी हो, हम मोदी के नाम व काम पर चुनाव लड़ेंगे और केन्द्रीय नेतृत्व ही फैसला करेगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा।
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