जोधपुर. मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट तथा जयपुर विरासत फाउंडेशन की मेजबानी में सप्त सुरों का सतरंगी कारवां दो साल के अंतराल के बाद इन्द्रधनुषी छठा बिखेरेगा। जोधपुर में 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक होने वाले आयोजन में भारत सहित नौ देशों के 200 से अधिक कलाकार शामिल होंगे। राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ मोरचंग,ढोलक , नगाड़ा , खड़ताल , कमायचा और भपंग जैसे वाद्ययंत्रों पर विदेशी कलाकारों के साथ जुगलबंदी आकर्षक होगी। कोरोना के कारण वर्ष 2020 व 2021 में रिफ का आयोजन नहीं हो सका था।
संगीत के नए प्रयोग भी आएंगे नजर
रिफ के डायरेक्टर दिव्या भाटिया ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि इस बार का रिफ कई मायने में अनूठा होगा। इसमें कई नए तरह के संगीत व बेहतरीन कलाकारों के बीच आपसी जुगलबंदी देखने को मिलेगी। इस बार राजस्थान के लोक संगीत कलाकारों के नए प्रयोग भी नजर आएंगे। भाटिया ने बताया कि इस बार राजस्थान के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश के उम्दा कलाकारों का संगीत सुनने को मिलेगा। डांस के शौकीन लोगों को मैक्सिको के परम्परागत डांस के साथ ही कालबेलिया डांस की बारीकियों को समझने व जानने का मौका मिलेगा।
आयरलैण्ड, इजरायल, मैक्सिकों से भी शामिल होंगे कलाकार
भाटिया ने बताया कि रिफ में नए कलाकार हरप्रीतसिंह, मेघालय के खासी लोकसंगीत से जुड़े कलाकार, वारसी ब्रदर्स हैदराबाद से, जयपुर की सुरेया का मांड गायन, मालवा के प्रहलाद, पदमश्री लाखा खान, अनिता डांगी, पाली जैतारण की सुमित्रा , जयपुर की मोहनीदेवी की प्रस्तुति व अन्य कलाकारों के साथ जुगलबंदी मंत्रमुग्ध करेगी। आयरलैण्ड , इजरायल, मैक्सिकों के कलाकारों की प्रस्तुति भी रिफ में चार चांद लगाएगी। रिफ में पहली बार मॉरिशस कलाकार शामिल होंगे। रिफ का आयोजन का उद्देश्य भीड़ जुटाना नहीं बल्कि कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है। भाटिया ने कहा कि राजस्थान के सारंगीवादक व गायक पद्मश्री लाखा खां और अनवर खां को पहली बार एक साथ मंच पर देखना सुखद अनुभूति होगी। इसके अलावा राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से लोक कलाकारों के नृत्य का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
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