जोधपुर. देश में कृषि और वन के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन नर्सरी की भारी कमी है। राज्य इसके लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे है। लगभग प्रत्येक राज्य में विभिन्न फसल, सब्जी और फल की किस्मों के लिए प्लांटिंग मेटेरियल विदेश से आयात करना पड़ रहा है।
देश में नर्सरी की कमी पर चिंता केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को यहां केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त की। तोमर ने कहा कि देश में नर्सरी की स्थिति ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। राज्य को नर्सरी विकसित करने के लिए बड़े प्रयास करने होंगे। प्रत्येक राज्य में एक प्रदेश स्तरीय नर्सरी की जरूरत है ताकि किसानों को प्लांटिंग मेटेरियल आसानी से मिल सके। तोमर ने काजरी में बने नए सभागार, कृषि व्यवसाय अअभिपोषण केंद्र, पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र और इण्डोर खेल हॉल का उद्घाटन किया।कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय कृषि एवं कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक, उपनिदेशक डॉ एसके चौधरी और काजरी के निदेशक डॉ ओपी यादव ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन गजे सिंह जोधा और डॉ सोमा श्रीवास्तव ने किया। डॉ एन वी पाटिल ने आभार प्रकट किया
किसानों का सम्मान
इस अवसर पर खेती में नवाचार करने वाले और काजरी की तकनीकी का उपयोग करने वाले किसान सादुलाराम चौधरी,जितेन्द्र सिंह सांखला, अघु देवी, रावल चन्द, दयाराम, भगराज चौधरी, भावना शर्मा, भीमाराम पटेल और विकास खीची को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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