WhatsApp calling: जोधपुर. वर्तमान युग आधुनिक व इंटरनेट का है। किशोरवय से लेकर बुजुर्ग तक के हाथ में एन्ड्रॉयड मोबाइल है, जो सामान्य कॉल के साथ-साथ इंटरनेट या वॉट्सऐप कॉलिंग करते हैं। अवैध वसूली या अवांछित डिमाण्ड करने वाले कार्मिक इसे सुरक्षित मानते हैं, लेकिन अब इसका भी ताेड़ निकाल लिया गया है। हालांकि यह अधिकृत नहीं है, लेकिन अब ऐसे काॅल की भी वॉइस रिकॉर्डिंग करने लगे हैं।
स्पीकर ऑन कर दूसरे मोबाइल में रिकॉर्डिंग
वैसे तो वॉट्सऐप, इंस्टाकॉलिंग या मैसेंजर कॉलिंग का रिकॉर्ड पुलिस को मुहैया नहीं होता है। न ही ऐसे कॉल रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। यही वजह है कि बदमाश व अवांछित डिमाण्ड करने वाले कार्मिक इंटरनेट कॉलिंग को ही तवज्जो देते हैं।
लॉरेंस बिश्नोई ने शुरू करवाई थी इंटरनेट कॉलिंग
शांत माने जाने वाले जोधपुर में इंटरनेट कॉलिंग की देन पंजाब के कुख्यात बदमाश लॉरेंस बिश्नोई व उसकी गैंग की है, जो वर्चुअल मोबाइल नम्बर हासिल करके वॉट्सऐप कॉलिंग करते थे। तब से जिले के अन्य बदमाश भी इंटरनेट कॉलिंग को ही तवज्जो देने लगे हैं।
केस : 1
वर्ष 2020 : एसीबी ने नशीली दवाइयों के एक मामले में फार्मासिस्ट से दस लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में श्रीगंगानगर के एक कांस्टेबल को गिरफ्तार किया था। उसे जयपुर की होटल में पकड़ा गया था। कांस्टेबल भी अलग नम्बर से वॉट्सऐप कॉलिंग कर रुपए मांग रहा था। एसीबी व फार्मासिस्ट ने वॉट्सऐप कॉल को भी रिकॉर्ड कर कार्रवाई को अंजाम दिया था।
केस : 2
जून 2022 : एनसीबी जोधपुर ने पाली में टोल नाका के पास तिंवरी के मार्बल व्यापारी को अफीम तस्करी के संदेह में पकड़ा था। फिर व्यापारी को छोड़ने के बदले रिश्ते में भाई को वॉट्सऐप कॉल कर बीस लाख रुपए मांगे गए थे। रिश्ते में भाई ने एक अन्य युवक की मदद से एनसीबी की कथित डिमाण्ड की रिकॉर्डिंग कर ली थी।
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