MEGA FOOD PARK- बनेंगे वैल्यू एडेड एग्रो प्रोडक्ट्स, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

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जोधपुर।
देश में कृषि जिंसों के पर्याप्त उत्पादन व इनके पारम्परिक उपयोग के साथ अब इनके विस्तार के लिए वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का चलन शुरू हुआ है। जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रहे फास्ट फूड का विकल्प बनेंगे और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर होने के साथ लोगों के रोजगार का स्त्रोत बनेंगे। देश में कृषि उत्पादों के वैल्यू एडेड प्रोडक्ट बनाने के अलावा कृषि उपज के उचित प्रबंधन, किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाने व कृषि गतिविधियों में आधुनिक तकनीकी के उपयोग बढ़ाने के लिए मेगा फूड पार्क को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य बजट में घोषणा के बाद जोधपुर में मेगा फूड पार्क बनने की कवायद शुरू हो गई है। जिले के मथानिया गांव में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से मेगा फूड पार्क बनेगा। इस संबंध में कृषि उपज मंडी समिति प्रशासन ने मथानिया के खसरा संख्या 717/73 की भूमि में से 300 बीघा भूमि को फूड पार्क के लिए चिन्हित किया है व राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम से डीएलसी दर 69255 रुपए प्रति बीघा के अनुसार 20776500 रुपए में जमीन खरीदी है।
जोधपुर में प्रस्तावित मेगा फूड पार्क होने से राजस्थान में कुल 6 मेगा फूड पार्क हो जाएंगे। जोधुपर के अलावा अजमेर, अलवर, कोटा व श्रीगंगानगर में फूड पार्क है। इसमें अजमेर के रूपनगढ गांव में प्रदेश का पहला मेगा फूड पार्क ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क स्थापित हुआ था।

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बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

फूड पार्क के बनने से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कृषि क्षेत्र में काम करने वाले हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। फूड पार्क की स्थापना के लिए मेगा फूड पार्क से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 25-30 हजार लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें किसानों को जोधपुर में उत्पादित जिन्सों को प्रोसेस करने के लिए उद्योग और बाजार उपलब्ध कराए जाएंगे।
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घरेलू व विदेशी बाजार में निर्यात हो सकेंगे एग्रो प्रोडक्ट

मेगा फूड पार्क में उच्च गुणवत्तायुक्त फ्रेश व वेल्यू एडेड प्रोडेक्ट तैयार किए जाएंगे। इन उत्पादों को स्थानीय व अन्तरराष्ट्रीय बाजारों के मापदंडों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। जिससे इन उत्पादों को घरेलू व विदेशों में निर्यात किया जा सकेगा। इसके अलावा, मेगा फूड पार्क में किसान समूहों, स्वयं सहायता समूह, व्यक्तिगत समूहों से फील्ड में संग्रहण, प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर जिसमें कुलिंग, ग्रेडिग पल्पिंग, शांटिग, वैक्सिंग, टेम्पररी स्टोरेज से जुडे उद्योगों को उत्पादन व मार्केट की सुविधा में विस्तार होगा।
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मेगा फूड पार्क की प्रस्तावित जमीन की डिजाइन सरकार को भेज दी गई है। पार्क की कार्य योजना, ले आउट प्लान, डीपीआर व इसके निर्माण के लिए वित्तीय प्रबंध निदेशालय व राज्य सरकार के स्तर से स्वीकृति जारी होने पर होंगे।
सुरेन्द्रसिंह, सचिव

विजयाराजे सिंधिया कृषि उपज मंड़ी समिति



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