पांच मासूम डूबे, एक बच्ची बच कर बाहर आ गई, परिजनों को बुलाया मगर तब तक हो गई अनहोनी

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जोधपुर।

उसके अपने नन्हें साथियों को डूबते देखा। हाथ-पैर मार कर खुद पानी से बाहर आ गई। दौड़ कर परिजनों को बुलाने गई, लेकिन तब तक मौत आ गई। यह घटना जोधपुर जिले के बावड़ी तहसील के गोविंदपुरा गांव में है। यह दास्तां हैं मासूम गेंदा की, जो खुद बच गई, लेकिन किसी दूसरे साथी को न बचा पाई।

जिले की बावड़ी तहसील के गोविंदपुरा (गवारिया की ढाणी) के पास गड्ढ़े में जमा बरसाती पानी में मंगलवार को भाई-बहन सहित चार बच्चे डूब गए। एक बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, मण्डोर थानान्तर्गत बेरी गंगा में एक युवक डूब गया और उसके दो साथी सुरक्षित बाहर आ गए।

खेड़ापा थाना पुलिस के अनुसार गवारिया की ढाणी के पास अवैध खनन की वजह से गड्ढ़े हो रखे हैं। भारी बारिश से गड्ढ़ों में पानी भरा है। अपराह्न बाद ढाणी के पांच मासूम बच्चे इन गड्ढ़ों की तरफ गए, जहां सभी नहाने के लिए पानी में उतरे। इस दौरान सभी डूबने लग गए। बच्चों ने जान बचाने के लिए हाथ-पांव मारे, लेकिन आस-पास कोई मौजूद नहीं था। इस बीच, ढाणी निवासी गेंदा पुत्री प्रकाश किसी तरह बाहर आ गई। उसने ढाणी जाकर घटना की जानकारी दी।

तब बच्चों के परिजन व ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे और अपने स्तर पर प्रयास के बावजूद गड्ढ़े में भरे पानी से ढाणी में रहने वाले पिंटू (12) पुत्र रामनिवास गवारिया, अनीता (15) पुत्री हीराराम, उसके भाई किशोर (12) और संजू (16) पुत्र प्रकाशराम को बाहर निकाल लिया।
ग्रामीण उन्हें लेकर बावड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे का पता लगने पर बावड़ी एसडीएम, तहसीलदार और खेड़ापा थानाधिकारी सरकारी अस्पताल पहुंचे। देर शाम चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग व बावड़ी प्रधान प्रतिनिधि राजूराम खोजा भी अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
अवैध खनन से बने गड्ढों में पानी भरा
ग्रामीणों का कहना है कि ढाणी के आस-पास की जमीन व खेतों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जिसकी वजह से वहां बड़े-बड़े गड्ढ़े बन चुके हैं। इनमें सोमवार देर शाम से हो रही बारिश का पानी भर गया। ढाणी के बच्चे वहां पहुंचे तो नहाने के लिए अंदर उतर गए होंगे।
दोस्तों संग घूमने आया था, पांव फिसलने से डूबा
पुलिस ने बताया कि बारिश के चलते बेरी गंगा में स्थानीय लोगों की दिनभर भीड़ थी। मथानिया निवासी तीन युवक भी घूमने के लिए वहां आए थे। इस दौरान पांव फिसलने से तीनों बेरी गंगा में गिर गए। दो युवक तो तुरंत बाहर आ गए। जबकि मथानिया निवासी जितेन्द्र डूब गया। सहायक पुलिस आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर व मण्डोर थानाधिकारी मनीष देव मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ के गोताखोर बुलाए गए। जिन्होंने डेढ़-दो घंटे की मशक्कत के बाद जितेन्द्र को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।



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