जोधपुर. पालड़ी खिंचियान स्थित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के आरटीसी में सीआरपीएफ के कांस्टेबल नरेश जाट के खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में बुधवार को तीसरे दिन भी गतिरोध बना रहा। नागौर सांसद व रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल और मृतक के परिजन ने मांगे न मानने तक शव उठाने से इनकार कर दिया।
धरने पर बैठे वृद्ध पिता
पाली जिले में राजोला निवासी नरेश कुमार जाट ने सोमवार को खुद की असॉल्ट राइफल (आइएनएसएएस-5.56 एमएम) से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसने रविवार शाम छह बजे से चौथी मंजिल पर क्वार्टर में खुद को पत्नी व पुत्री के साथ बंद कर लिया था। वह असॉल्ट राइफल (आइएनएसएएस-5.56 एमएम) से हवाई फायर करने लगा था। समझाइश के बावजूद वह नहीं माना था। गोली मारकर आत्महत्या करने के बाद सात सूत्रीय मांगें मानने पर ही शव उठाने पर अड़ेेे हुए हैं। उसके वृद्ध पिता लिखमाराम जाट व अन्य परिजन गर्मी व उमस में मोर्चरी परिसर में धरने पर बैठे हैं।
धरने पर पहुंचे बेनीवाल, केंद्रीय मंत्री पर निशाना
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल दोपहर डेढ़ बजे मोर्चरी परिसर में चल रहे धरनास्थल पहुंचे। उन्हाेंने मृतक के पिता व अन्य परिजन से मिलकर मांगों के संबंध में चर्चा की। सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सुसाइड नोट में उल्लेखित आरोपियों को तुरंत निलम्बित करने, सीआरपीएफ के डीआइजी को हटाने, मृतका की पत्नी को पेंशन, नौकरी व पुत्री के लिए पढाई का खर्च वहन करने और मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। मांगें मानने के बाद ही शव ले जाया जाएगा। सांसद बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान से तीन सांसद केन्द्र में मंत्री हैं। जोधपुर के सांसद केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री हैं। चूंकि मामला केन्द्र से जुड़ा है। सीआरपीएफ जवान के आत्महत्या के मामले में उन्होंने अभी तक कोई प्रसंज्ञान नहीं लिया है, जो निराशाजनक है।
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