सवा लाख मरीजों पर एमडीएम कर रहा प्रतिमाह तीन करोड़ रुपए का खर्चा

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संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास की जनवरी से जून तक बजट फैक्ट फाइलकमाए- 17 करोड़ 71 लाख

खर्चा हुआ- 18 करोड़ 95 लाख

दवाइयों पर खर्च- 5.15 करोड़सर्जिकल एंड सूचर्स पर खर्च-7.95 करोड़

जांचों पर खर्च-5.85 करोड़(ये डाटा जनवरी से जून माह तक के हैं। )

जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर में प्रतिमाह सवा लाख मरीज आजकल आउटडोर में आ रहे हैं। नि:शुल्क आउटडोर, इनडोर, दवा व जांच के नाम पर एमडीएम अस्पताल के प्रतिमाह 3 करोड़ 15 लाख 83 हजार 3 सौ 33 रुपए खर्च हो रहे हैं। जबकि दूसरी ओर से चिरंजीवी योजना में इलाज के चलते अस्पताल की कमाई देखे तो 2 करोड़ 95 लाख 16 हजार 6 सौ 66 रुपए हैं। लेकिन उसके बावजूद सरकारी सेवा के चलते अस्पताल को 20 लाख 67 हजार 3 सौ 33 रुपए का का घाटा उठाना पड़ रहा है। औसत देखे तो एमडीएम अस्पताल में हर रोज 4 हजार मरीजों की आउटडोर रहती है। जबकि इतनी बड़ी आउटडोर पूरे संभाग व पश्चिमी राजस्थान में एमडीएम अस्पताल की है। प्रदेश में नि:शुल्क इलाज के चलते आजकल दूसरे राज्यों के मरीज तक जोधपुर इलाज के लिए आ रहे हें।

साढ़े पांच करोड़ रुपए और चाहिए बजट

एमडीएम अस्पताल के ताजा आंकड़ों की बात करें तो मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना के तहत 1 करोड़ 15 लाख रुपए, नि:शुल्क दवा योजना पर 45 लाख रुपए और कांटेक्ट मैन पॉवर को चलाने के लिए 24 लाख रुपए का बजट मिला। लेकिन संभाग के सबसे बड़े अस्पताल को चलाने के लिए दवा आइटम पर अस्पताल को ढाई करोड़, सर्जिकल, सूचर पर डेढ़ करोड़ और जांचों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए के बजट की और दरकार हैं। कुल साढ़े पांच करोड़ रुपए का बजट सरकार से अस्पताल को और चाहिए।

इनका कहना हैं....

मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान अभियान के तहत अस्पताल का मुख्य ध्येय मरीजों को बेहतर सेवा देना है। इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। हमारे यहां इलाज नि:शुल्क होने से देशभर के मरीज इलाज के लिए आते हैं।- डॉ. विकास राजपुरोहित, अधीक्षक, एमडीएम अस्पताल



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