जोधपुर. उपभोक्ता अदालत आमजन के साथ हुए अनुचित व्यवहार पर मुआवजा दिलाने के लिए बनाई गई है, लेकिन कई लोग इसका दुरुपयोग करते हैं, उपभोक्ता अदालतें ऐसे केस को कोस्ट के साथ खारिज कर दुरुपयोग रोकती भी है।
एक मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम) की अध्यक्ष चंद्रकला जैन तथा सदस्यों ने एसबीआई बैंक के खिलाफ मात्र 21 पैसे कम देने के परिवाद को दस हजार रुपए कोस्ट के साथ खारिज कर दिया। बासनी निवासी परिवादी सिद्धार्थ ने अधिवक्ता के माध्यम से कंजूमर कोर्ट में परिवाद पेश कर बताया कि कचहरी परिसर स्थित एसबीआई ब्रांच में पीपीएफ अकाउंट था जिसे अन्य बैंक में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक ने राशि नहीं लौटाई। बाद में परिपक्व राशि में से भी 21 पैसे कम का बैंकर्स चैक दिया। बैंक की ओर से अधिवक्ता जेके चाण्डा ने कहा कि प्रार्थी को पीपीएफ अमाउंट का बैंकर्स चेक बना कर दे दिया था। प्रार्थी ने ही 2 वर्ष तक उसे प्राप्त नहीं किया, जहां तक 21 पैसे कम देने का प्रश्न है, नियमानुसार 50 पैसे से कम राशि को राउंड अप किया जाता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने परिवाद खारिज कर दिया।
200 परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित
जोधपुर. शास्त्रीनगर में स्थित ज्ञानयोगी नन्दकिशोर शारदा अध्यात्म केन्द्र मणिद्वीप में सर्वसमाज के 200 जरुरतमंद परिवारों को राशन सामग्री वितरित की गई। ट्रस्ट की प्रवक्ता मधु आडवानी ने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य उद्धेश्य जरुरतमंद लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करना है। ट्रस्ट प्रवक्ता नवलकिशोर शारदा ने मानव जीवन की सफलता की कुंजी ‘‘बुद्धि विवेक योग साधना पद्धति के बारे में बताया। मोहित हिसारिया व अंजलि हिसारिया ने बताया कि कहा कि मणिद्वीप में आकर गृहस्थ में रहकर अध्यात्म जीवन जीने के गुढ रहस्य को सीखा है। खाद्य सामग्री वितरण योगाचार्य बीजाराम पटेल, चेतन सोनी, राधा गुप्ता, दीपिका मंत्री, रितेश मरडिया, चांदकौर शारदा, राहुल सोनी, दिनेश मुन्दड़ा आदि ने किया।
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