जोधपुर. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढऩे और केंद्र सरकार द्वारा तेल कम्पनियों पर पेट्रोल-डीजल की रेट नहीं बढ़ाने के दबाव में अब तेल की कमी होने लग गई है। निजी पेट्रोलियम कम्पनी नायरा के जोधपुर में 55 में से 50 पंप ड्राई हो गए हैं। रिलायंस के शहर के आसपास मौजूद 5-6 पंप भी बंद पड़े हैं।
सरकारी तेल कम्पनियों में सर्वाधिक असर हिंदुस्तान पेट्रोलियम एचपीसीएल के पंपों पर पड़ा है। एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर उनकी जरुरत की आधी आपूति हो रही है। सभी पेट्रोल पंप ऑटोमेटेड है। कम्पनी ऑटोमेशन के जरिए जांच करके पेट्रोल पंप के अनुसार ही टैंकर भेज रही है। भारत पेट्रोलियम बीपीसीएल के पंपों पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। यह जरुर है कि बीपीसीएल ने अब उधार देना बंद कर दिया है। डीलर्स की ओर से एडवांस पैसे देने पर ही टैंकर भिजवाया जा रहा है। अगर किसी डीलर ने दोपहर 2 बजे टैंकर का पैसा भेजा लेकिन शाम पांच बजे तक उसका नम्बर नहीं आया तो उसको तेल अगले दिन मिलेगा। जोधपुर में सालावास में इंडियन ऑयल और एचपीसीएल का टर्मिनल है। बीपीसीएल को इनके टर्मिनल से आपूर्ति होती है। एचपीसीएल खुद के पास तेल नहीं होने से उसने बीपीसीएल की आपूर्ति बंद कर दी है। इंडियन ऑयल के पंपों पर फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।
क्रूड ऑयल 123 डॉलर, 20 रुपए का लग रहा घाटा
तेल कम्पनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को कच्चा तेल 123 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कम्पनियों को प्रति लीटर 15 से 20 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजनीतिक कारणों से केंद्र सरकार तेल की कीमतें नहीं बढ़ा रही है।
बड़े कस्टमर को तेल नहीं
एचपीसीएल के अधिकारियों ने अपने पेट्रोल पंप डीलर्स को निर्देश दिए हैं कि बड़े कस्टमर मसलन रोडवेज, ठेकेदार, पुलिस इत्यादि को सीधा पेट्रोल पंप से डीजल नहीं दिया जाए। दरअसल सभी बड़े कस्टमर्स को तीन-चार महीने पहले रिटेल दर से 15 से 17 रुपए डीजल सस्ता मिलता था इसलिए वे सीधे डिपो से तेल उठाते थे लेकिन अब उनके लिए भी रीटेल रेट करने से उन्होंने सीधा पेट्रोल पंपों से भरवाना शुरू कर दिया है।
बारिश ने किया आग में घी का काम
प्रदेश में प्री मानसून बारिश शुरू हो गई है। किसान अब खेती कार्य के लिए डीजल लेने पेट्रोल पंप पर पहुंच रहा है, जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर खपत बढऩे वाली है। अधिक बिक्री से कम्पनियों को अधिक घाटा होगा। एचपीसीएल के अधिकारियों ने अपने डीलर्स को स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि उन्हें तेल की अधिक बिक्री नहीं चाहिए। पेट्रोल-डीजल जरुरत के अनुसार ही मिलेगा।
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जोधपुर जिले में औसतन हर महीने तेल की खपत किलोलीटर में
तेल कम्पनी -----पंप की संख्या ------ डीजल ----- पेट्रोल
बीपीसीएल ----- 74 -----7285 ----- 4003
इंडियन ऑयल----139-----10440-----3764
एचपीसीएल -----110-----8533 ----- 3379
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- 383 पेट्रोल पंप है जोधपुर जिले में
- 9 लाख लीटर डीजल की खपत होती है प्रतिदिन
- 4 लाख लीटर पेट्रोल बिकता है हर रोज
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