Loo effect: पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में लू का असर

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Loo effect: जोधपुर. प्री मानसून के बादल छंटने और मानसून में सुस्ती होने से शनिवार को सूर्यदेव ने अपना रौद्र रूप दिखा गया। पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी रही। अधिकांश स्थानों पर लू चलने लग गई। बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, नागौर में पारा 44 डिग्री को पार कर गया। जैसलमेर 44.8 डिग्री के साथ सर्वाधिक गर्म स्थान रहा। तापमान में बढ़ोतरी और उस पर हवा में मौजूद नमी ने असहनीय गर्मी पैदा कर दी। दोपहर में तो पशु पक्षी भी छटपटाने लग गए। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी ऐसा ही मौसम रहा। भीषण गर्मी रहेगी। सोमवार से तापमान में कमी आनी शुरू होगी।


सूर्यनगरी में शनिवार को न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में पचास फीसदी से अधिक आर्द्रता होने, हवा धीमी होने और तेज धूप निकली रहने से सुबह से भी तेज उमस भरी गर्मी शुरू हो गई। मॉर्निंग वॉकर्स और सुबह काम पर निकलने वाले लोगों के पसीने छूटने लग गए। सुबह दस बजे तक ऐसे लग रहा था मानो आसमां से अंगारों की बौछार हो रही है। पारे की गर्मी के साथ उमस ने अधिक हलकान किया। दोपहर में तापमान 43.4 डिग्री पर पहुंचा जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक रहा। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में मुख्य चौराहों पर ट्रेफिक कम हो गया। गर्मी का आलम यह था कि ट्रेफिक लाइट पर रेड लाइट होने के बाद रुकने पर दुपहिया वाहन चालकों की हालत पस्त हो गई। शाम ढलने के बाद भी गर्म हवा चलती रही।


धोरे उगलने लगे शोले
बाड़मेर और जैसलमेर में भी भयंकर गर्मी रही। जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री रहा। दोपहर में पारा 44.8 डिग्री पर पहुंचा जो सामान्य से 4.9 डिग्री रहा। बाड़मेर भी आग में झुलसा। रात का तापमान 30 और दिन का 44.5 डिग्री रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री अधिक मापा गया। नागौर में पारा 44.1 और जालोर में 44.2 डिग्री रहा।



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