Cyber Fraud: जोधपुर. साइबर जालसालों ने लोगों की जेब साफ करने के लिए अब इलेक्ट्रिसिटी बिल का तरीका ढुंढा है। उपभोक्ताओं के बिल नहीं भरने के नाम पर बिजली काटने के मैसेज भेज रहे हैं। घबराए उपभोक्ता स्कैमर्स के भेजे लिंक अथवा क्यूआर कोड पर स्कैन करने अथवा ओटीपी भेजते ही उनके खाते से पैसे कट जाते हैं। जोधपुर सहित देश के कई मेट्रो शहरों में सौ से अधिक उपभोक्ता बिजली बिल के नाम पर अपनी जेब साफ करा चुके हैं।
ऐसे बनाते हैं निशाना
चाहे आपने बिजली का बिल भरा हो या नहीं, स्कैमर्स आपके वॉट्सऐप अथवा एसएमएस के जरिए बिल बकाया होने का मैसज भेजते हैं। बिल जमा नहीं करवाने पर 24 घण्टे में बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जाती है। साथ ही मैसेज के नीचे फोन नम्बर अथवा लिंक दिया रहता है। फोन करने पर स्कैमर्स क्यूआर कोड भेजता है अथवा लिंक पर क्लिक करने पर बैंक खाते से राशि कट जाती है।
इनका ध्यान रखें
- विद्युत विभाग बिल के लिए एसएमएस या वाॅटसऐप से संपर्क नहीं करता है।
- हमेशा विश्वसनीय ऐप का उपयोग करें, जो नंबर का उपयोग करके बिजली बिल की राशि दिखाता है।
- अज्ञात लिंक, स्कैनिंग क्यूआर कोड या किसी ऐप का उपयोग करके लिंक पर क्लिक न करें या बिजली बिल का भुगतान न करें।
- विद्युत विभाग में बिल अदा के लिए क्यूआर कोड सिस्टम नहीं है।
- यदि उपयोगकर्ता के घर/कार्यालय में बिजली कनेक्शन है तो वह विभाग कभी भी कॉल, एसएमएस या वाॅट्सऐप के जरिए विवरण सत्यापित करने के लिए नहीं कहता है।
- कोई भी ऐप इंस्टॉल न करें, जो आपको बाहरी लिंक के माध्यम से दूसरों के साथ अपनी स्क्रीन साझा करने की अनुमति देता है।
- निजी खातों में भुगतान करने से सावधान रहें। व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करें।
- यदि आप कॉल करते हैं या सत्यापन के लिए ओटीपी प्राप्त करते हैं तो मैसेज में सिर्फ ओटीपी नहीं देखें, पूरा मैसेज पढ़ें।
विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-56 के अंतर्गत बिजली का बिल नहीं भरने पर उपभोक्ता को 15 दिन का लिखित नोटिस दिया जाता है। उसके बाद कनेक्शन काटा जाता है। बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर अगले बिजली बिल में पहले वाले की राशि जुडक़र आने का भी प्रावधान है।
- प्रिया सांखला, साइबर लीगल एडवाइजर
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