CBI Raid On Agrasen Gehlot: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन की फर्म अनुपम कृषि से प्रतिबंधित उर्वरक मूरियट ऑफ पोटाश (एमओपी) के अवैध निर्यात का मामला तेरह साल पुराना है, जो गुजरात के कांडला में पकड़ा गया था। कस्टम विभाग की डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) ने एमओपी को निर्यात के लिए प्रतिबंधित मानकर जांच की थी। फिर अग्रसेन की फर्म पर 5.45 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इतना ही नहीं, मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते ईडी ने भी चार साल पहले जांच शुरू की थी और 22 जुलाई 2020 को ईडी ने अग्रसेन व अन्य के तीन ठिकानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।
सीबीआइ को देख चौंके, मोबाइल बंद करवाए
एमओपी के निर्यात के मामले में 15 जनों के खिलाफ 15 जून को सीबीआइ की दिल्ली शाखा ने एफआइआर दर्ज की थी। तीसरे दिन शुक्रवार सुबह सीबीआइ सीएम के भाई अग्रसेन के घर पहुंच गई, जिन्हें देख घरवाले चौंक गए। सीबीआइ ने घरवालों को बाहर जाने से रोक दिया। फार्म हाउस के मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए।
किसी भी बाहरी व्यक्ति का अंदर प्रवेश बंद कर दिया गया। घारवालों के सभी मोबाइल भी बंद करवा दिए। देर रात तक सीबीआइ कार्रवाई चल रही थी। उधर, पावटा सर्कल के पास खाद बीज की दुकान में दिनभर सीबीआइ कार्रवाई जारी रही। सीबीआइ की एक टीम ने जिले के फलोदी में भी एक नमक कारोबारी के ठिकानें पर दबिश देकर जांच कर रही है।
मकान के आस-पास पुलिस तैनात
सीबीआइ कार्रवाई का पता लगते ही पुलिस भी सतर्क हो गई। सहायक पुलिस आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर और मण्डोर थाना प्रभारी मनीष देव फार्म हाउस पर बने मकान पहुंचे, जहां सीबीआइ अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।ऐहतियात के तौर पर दिनभर पुलिस तैनात रही।
जांच के दौरान सीबीआइ ने दिए थे नोटिस
सीबीआइ खाद के घोटाले की जांच काफी दिनों से कर रही थी। करीब एक महीने पहले सीबीआइ ने सीएम के भाई अग्रसेन की फर्म को नोटिस भेजा था। उन्होंने अधिक्ता के मार्फत नोटिस का जवाब भी दिया था। अब अचानक एफआइआर व दबिश से सभी चौंक गए।
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