इण्डियन प्रीमीयर लीग IPL के मैचों पर सीमा पार Pakistan के सटोरियों की नजर है, जो India में मौजूद लोगों की मदद से सट्टा लगवा रहे हैं। वर्ष 2019 के आइपीएल से जुड़े ऐसे ही कुछ साक्ष्य सामने आने के बाद CBI ने दो एफआइआर दर्ज कर आरोपियों के ठिकानों पर शनिवार को दबिश दी। एक एफआइआर में Jodhpur जिले के शेरगढ़ के एक और जयपुर के तीन जनों व अज्ञात बैंककर्मियों को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआइ सूत्रों के अनुसार आइपीएल 2019 के मैचों में सीमा पार से सट्टेबाजी और पाकिस्तान के संदिग्ध से सम्पर्क कर बैंक खातों में लाखों रुपए का लेन-देन करने के संबंध में जोधपुर के शेरगढ़ डेरिया गांव में मोतीसिंह नगर निवासी सज्जनसिंह पुत्र दीपसिंह, जयपुर के त्रिपोलिया बाजार निवासी प्रभुलाल मीना, जयपुर में वार्ड-54 निवासी रामावतार, जयपुर में गोविंद नगर ईस्ट निवासी अमित कुमार शर्मा और अनजान बैंककर्मी व निजी लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार रोकने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
आरोप है कि वर्ष 2019 में आइपीएल मैचों पर पाकिस्तान के संदिग्ध ने भारत में मौजूद कुछ लोगों की मदद से सट्टेबाजी की थी। सीबीआइ की जानकारी में आया है कि यह आरोपी पाकिस्तान के एक संदिग्ध के सम्पर्क में है, जिसने पाकिस्तान के मोबाइल नम्बर के मार्फत इन आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोगों से सम्पर्क किया था। यह आरोपी क्रिकेट सट्टेबाजी की गतिविधियों में शामिल नेटवर्क का एक हिस्सा है।
तीन खातों में अलग-अलग जन्मतिथि
आरोपियों में शामिल सज्जनसिंह के यूको बैंक, पीएनबी व एसबीआइ में बचत खाते हैं। यूको बैंक के बचत खाते में तीन अलग-अलग जन्मतिथि बताई गई है। इस खाते में वर्ष 2010-11 से वर्ष 2019-20 के बीच 33.23 लाख रुपए से अधिक का लेनदेन हुआ है। सीबीआइ को अंदेशा है कि यह राशि सीमा पार से जमा कराई गई थी। सीबीआइ दिल्ली के पांच अधिकारियों की टीम ने शनिवार को शेरगढ़ के डेरिया गांव में मोतीसिंह नगर में सज्जनसिंह के मकान पर दबिश दी। परिजन से पूछताछ की गई और आवश्यक दस्तावेज जब्त किए। सज्जनसिंह जयपुर की होटल में काम करता है। वह घर नहीं मिला। उसका पता लेकर सीबीआइ टीम लौट गई।
सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल
जानकारी से पता चला कि व्यक्तियों का यह नेटवर्क 2019 में दिल्ली और अन्य स्थानों पर चल रहे आइपीएल मैचों के दौरान क्रिकेट सट्टेबाजी में शामिल हैं। जो क्रिकेट सट्टा चलाने, आम जनता को सट्टेबाजी के प्रति ललचा कर धोखाधड़ी करने और जनता को धोखा देकर गाढ़ी कमाई विभिन्न बैंक खातों के संचालन में शामिल हैं।
रामावतार की भूमिका
सीबीआइ की मानें तो अवतार मीणा विभिन्न अवैध उद्देश्यों से धन की रूटिंग में शामिल हैं। उसके एसबीआई, आइसीआइसीआइ, आइडीबीआई, इंडसइंड बैंक में खाते हैं। वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2018-19 के दौरान उनके बैंक खातों में आर्थिक औचित्य को ताक पर रख 45.10 लाख रुपए से अधिक का लेन-देन हुआ है। इन आरोपियों ने खाता खोलने के आवेदन पत्र में एक ही फोन नम्बर काम लिए हैं। प्रभुलाल व रामावतार मीणा के वैकल्पिक फोन नम्बर एक समान हैं।
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