- भीतरी शहर में मंदिर और मस्जिद के बाहर से कई श्रद्धालुओं ने शीश झुकाए
जोधपुर. कर्फ्यू के तीन दिनों तक घरों में बंद रहने के बाद जैसे ही चौथे दिन शुक्रवार सुबह 8 से 10 बजे तक छूट मिली तो लोग सब्जी-किराणा खरीदने के साथ नहा-धोकर मंदिर व मस्जिद भी पहुंचे। भीतरी शहर के विभिन्न मौहल्लों में स्थित पूजाघरों के बाहर लोग आ जा रहे थे। सिंवाची गेट स्थित हनुमान जी का मंदिर, भोळीबाई का मंदिर, पीपलेश्वर महादेव मंदिर, गंगश्याम जी का मंदिर, खाण्डा फलसा स्थित दूधेश्वर महादेव मंदिर के बाहर से लोगों ने दर्शन किए। जहां पुलिस खड़ी थी वहां शहरवासी अपनी चप्पल उतारकर बाहर से ही हाथ जोडक़र आगे बढ़ रहे थे वहीं भोळीबाई के मंदिर और सिंवाची गेट मंदिर में कइयों ने शीश नवाएं। ऐसा ही कुछ नजारा मस्जिद के बाहर था। ईद के बाद जुम्मे का पहला शुक्रवार होने से मुस्लिम ने एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए अमन-चैन की कामना की।
हम तो रामनवमी पर हिंदुओं के साफे बांधते हैं
खाण्डा फलसा पुलिस थाने के बाहर अपने भतीजे को छुड़ाने आए मोहम्मद हारुन ने बताया कि मुस्लिम लोग हर साल रामनवमी पर हिंदुओं के लिए साफे बनाते भी हैं और साफे पहनाते भी है। जिस दिन शोभायात्रा निकलती है उस दिन आसपास की दुकानें बंद रखते हैं ताकि मेले में शामिल लोगों को पार्किंग के लिए जगह मिल सके। यह सौहार्द बरसों से बना हुआ है। उपद्रव बहुत खराब हुआ। पूरा रमजान शांतिपूर्वक गुजरा था। कुछ हुड़दंग के कारण पूरी ईद खराब हो गई और शहर का माहौल भी।
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