Jodhpur में इंटरनेट शुरू, 5 लाख घरों के चूल्हे बंद होने से बचे

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. जोधपुर में रविवार शाम को छठे दिन इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई। इससे जिले के करीब 5 लाख परिवारों के चूल्हे ठंडे होने से बच गए।
दरअसल शहर में साम्प्रदायिक उपद्रव के बाद सरकार ने Jodhpur में इंटरनेट बंद कर दिया था। शहर के लोग वाट्सएप, फेसबुक, यू ट्यूब जैसे सोशियल मीडिया एप नहीं चलने से परेशान थे क्यों कि उनका मनोरंजन व टाइम पास बंद पड़ा है जबकि वास्तव में इंटरनेट बंद होने से सर्वाधिक परेशानी सुदूर ग्रामीण इलाकों मेें हुई जहां चूल्हे ठण्डे होने के कगार पर आ गए। इंटरनेट नहीं होने से राशन की दुकानों की पोस मशीनें बंद हो गई। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बंद होने से जिले के 21 लाख लोगों गेहूं लेने से अटक गए। बीते सोमवार को राशन की दुकानें अंतिम बार खुली थी। एक सप्ताह बाद अब फिर से सोमवार को ही राशन की दुकानें खुलेगी।

दरअसल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के अंतर्गत राशन की दुकानों से गेहूं का वितरण ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से पोस मशीनों (पॉइंट ऑफ सेल) के माध्यम से होता है। राशन डीलर अपने मोबाइल इंटरनेट से पोस मशीनें चलाते हैं। सरकार हर महीने की शुरुआत में अगले महीने का गेहूं एडवांस देती है। एक मई से जून के गेहूं का वितरण शुरू हो गया था लेकिन Jodhpur में दो दिन गेहूं वितरण के बाद 3 मई को इंटरनेट बंदी हो गई थी। कफ्र्यू शहर के केवल दस पुलिस थाना क्षेत्रों में है लेकिन इंटरनेट पूरे जिले में बंद कर दिया गया।

1274 राशन की दुकानों पर सन्नाटा
जोधपुर जिले में राशन की 1274 दुकानें हैं। इनसे जिले के करीब 5 लााख परिवार यानी 21 लाख लोगों को गेहूं का वितरण किया जाता है। बीते छह दिनों से यहां सन्नाटा पसरा है। लोग गेहूं लेने आते हैं लेकि खाली हाथ लौट जाते हैं। सरकार एनएफएसए के अंतर्गत लाभार्थियों को 2 रुपए किलो गेहूं देती है। प्रत्येक व्यक्ति को हर महीने 5 किलो गेहूं मिलता है। इस समय प्रधानमंंत्री गरीब कल्याण योजना का 5 किलो गेहूं अतिरिक्त नि:शुल्क दिया जा रहा है। ऐसे में हरेक व्यक्ति को अपने हिस्से के 10 किलो गेहूं का इंतजार है।

केवल 8 प्रतिशत गेहूं का वितरण
- जोधपुर में मई के दो दिन में राशन की दुकानों से 7.80 प्रतिशत गेहूं का वितरण हुआ है।
- जिले के बापिणी, लोहावट व फलोदी में तो एक प्रतिशत से भी कम लाभार्थियों ने गेहूं लिया था। इसके बाद कफ्र्यू लग गया था।
- जबकि प्रदेश के कई जिलों में आधे से अधिक लोगों ने अपने हिस्से का गेहूं ले लिया।
- बूंदी में अब तक 64.19 प्रतितश, झुंझनूं में 56.49 प्रतिशत, जयपुर में 51.47 प्रतिशत, दौसा में 51.16 प्रतिशत, कोटा में 49.65 और हनुमानगढ़ में 49.51 प्रतिशत लोग गेहूं ले चुके हैं।
---------------------
जोधपुर में राशन का गेहूं वितरण
- 10442 मीट्रिक टन गेहूं का वितरण होता है हर महीने
- 7.80 प्रतिशत केवल गेहूं वितरित हुआ है मई के दो दिन में
- 1274 राशन की दुकानें है जिले में
- 486175 परिवार लेते हैं राशन का गेहूं
- 21.19 लाख लाभार्थी है पूरे जिले में
- 303616 लाख सर्वाधिक लाभार्थी है जोधपुर शहर में



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/IAzYyqe
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment