Wheat: राशन का गेहूं लेने के लिए अब नहीं भटकेंगे लोग

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जोधपुर. रसद विभाग के अधिकारी अब आसानी से राशन की किसी दुकान का निलंबन नहीं कर पाएंगे। राशन का गेहूं मिलने में परेशानी और चेहते राशन डीलर के साथ निलंबित दुकान अटैच करके गेहूं में गड़बड़ी करने की आशंका के चलते राज्य सरकार ने यह निर्णय किया है।निलंबित दुकान के अटैचमेंट से पहले रसद विभाग को कलेक्टर के अलावा राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। किसी भी दुकान का निलंबन 6 महीने से अधिक नहीं होगा।निलंबन का कारण भी बताना होगा।

प्रदेश में राशन की 25,000 से अधिक दुकानें हैं। कई दुकानों का अटैचमेंट किसी अन्य राशन की दुकान के साथ किया गया है।ऐसे में संबंधित क्षेत्र वासियों को खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला गेहूं लाने के लिए 5 से 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। राशन डीलर की ओर से कई बार टरकाने के कारण उपभोक्ता बगैर गेंहू लिए लौट आते हैं।

गारंटी के बावजूद नहीं मिल रहा धानखाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 1 महीने में 5 किलो गेहूं एक या दो रुपए किलो देने की गारंटी होती है लेकिन राशन डीलर्स की ओर से कई बार गेहूं नहीं देने और कई बार राशन की दुकान के किसी अन्य राशन की दुकान के साथ होने पर गेहूं मिलने में परेशानी होती है।

क्या होता है अटैचमेंट

जिला रसद अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षक संबंधित राशन की दुकान में अनियमितताओं के चलते कई बार दुकान का लाइसेंस निलंबित कर देते हैं और उस दुकान के उपभोक्ताओं को किसी अन्य दुकान के साथ अटैच कर देते हैं। इसे अंतिम रूप से परेशानी उपभोक्ताओं को ही होती है।

जोधपुर में 100 से अधिक दुकानें अटैच

वर्तमान में जोधपुर जिले में राशन की 1339 दुकानें हैं इनमें से 100 से अधिक दुकानें राशन डीलर की ओर से इस्तीफा देने या उसके निलंबन के कारण अन्य राशन की दुकान के साथ अटैच है।



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