Solar Power News - सौर ऊर्जा उत्पादन की राह में सरकार ने खड़े किए रोड़े, जाने कैसे...

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

Solar Power News - अविनाश केवलिया/जोधपुर। बिजली संकट की बात हर ओर हो रही है। कटौती करनी पड़ रही है। कोयला है नहीं। हवा जब चलेगी तो बिजली बनेगी। गर्मी में सोलर उत्पादन बढ़ाकर संकट मोचक बना जा सकता है, लेकिन सरकार ने ही सौर ऊर्जा उत्पादन की राह में रोड़े खड़े कर दिए हैं। सरकार ने घरों पर लगने वाले सोवर प्लांट पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने के साथ सौर ऊर्जा यूनिट पर टैक्स भी लगा दिया। इससे लोगों की सोलर प्लांट में लोगों की रूचि घट गई है।

केस 1 : बिल माइनस में, उसमें भी कटौती
पावटा क्षेत्र में एक मकान पर सोलर रूफ टॉप लगा है। इस घर का बिल करीब 15 से 20 हजार माइनस में आ रहा है। मतलब सोलर से उत्पादन के बाद बची हुई बिजली डिस्कॉम को बेच रहे हैं, लेकिन फिर भी इनको इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी देनी पड़ रही है। इस कारण सोलर लगाने से जो फायदा व उत्साह था, वह कम होता जा रहा है।

केस 2
चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में तीन माह पहले ही विजय कुमार ने अपने मकान पर सोलर सिस्टम लगाया। पहले मिलने वाली सब्सिडी की उम्मीद थी, लेकिन नए टैंडर नहीं होने से अब तक यह राशि इनको नहीं मिल पाई है। करीब 50 हजार से ज्यादा राशि मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं मिली।

राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरर्पोरेशन अब तक सोलर से जुड़ी सब्सिडी देती आई है। पिछली बार इसकी कार्यकारी एजेंसी अजमेर डिस्कॉम को बना दिया गया है, जो अब तक टैंडर प्रक्रिया में उलझी है। इससे सब्सिडी का निर्धारण नहीं हो पाया है। पिछले छह माह में सोलर प्लांट लगवाने वाले अधिकांश लोगों को सब्सिडी का इंतजार है। इसके अलावा सोलर प्लांट की लागत भी पिछले एक-डेढ़ साल में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ऐसे में छोटे प्लांट घर पर लगाने की सोचने वालों ने भी हाथ खींच लिए हैं।

इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी का भार
जिस व्यक्ति के घर या फैक्ट्री की छत पर सोलर प्लांट लगा है, उसमें से वह जितनी यूनिट बिजली की खपत कर रहा है उस पर प्रति यूनिट 60 पैसे इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी लगाई है। यह पिछले वर्ष 2021 से ही लागू किया गया है, इससे पहले इस ड्यूटी में छूट थी।

सोलर प्लांट भी महंगा
जोधपुर सोलर एसोसिशन के अध्यक्ष ओंकारसिंह राजपुरोहित बताते हैं कि सोलर पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार देश में बन रहे सोलर प्लेट व उपकरण भी महंगे हो गए हैं।

कुछ ऐसे पड़ेगा जनता पर भार
- अब जिसको तीन किलोवाट का प्लांट लगाना है तो करीब दो लाख से अधिक खर्च आएगा।

- सरकार से मिलने वाली 30-40 प्रतिशत सब्सिडी नहीं मिल रही है। रिटर्न आने वाली 50 से 70 हजार की राशि भी नहीं मिली है।

- यदि प्रति माह एक हजार यूनिट बिजली खपत सोलर के जरिये की जा रही है तो 600 रुपए अतिरिक्त देने होंगे।

एक्सपर्ट व्यू
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी वाला भार जरूर नकारात्मक जा रहा है। जहां तक बात सब्सिडी है, जल्द ही उसका निस्तारण हो रहा है। सबसे बड़ी बात है कि सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन की लागत बढ़ गई है, जो कि सामान्य वर्ग पर आर्थिक भार डालती है। यदि इन सब बातों पर सरकार ध्यान दे तो निश्चित तौर पर सोलर संकट मोचक है।
- सुरेन्द्र माथुर, सेवानिवृत्त प्रोजेक्ट मैनेजर, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/xw3B4cO
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment