Fetal Gender Test - गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की गैर कानूनी जांच पर अंकुश के लिए प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के तहत स्टेट पीसीपीएनडीटी सैल में 34 समन्वयकों की भारी भरकम भीड़ है, फिर भी कार्रवाई के नाम पर सैल ने राज्यभर में इस वर्ष पीसीपीएनडीटी की एक मात्र कार्रवाई की है। जबकि हाल ही जोधपुर में पकड़ा गया प्रदेश का एकमात्र हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर मोहम्मद इम्तियाज पचास से अधिक भ्रूण की जांच करना स्वीकार चुका है।
पीसीपीएनडीटी सैल में हर जिला मुख्यालय पर एक-एक और जयपुर में दो समन्वयक हैं। इनका कार्य गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की जांच करने वालों के खिलाफ अधिक से अधिक कार्रवाई करना है, ताकि यह अवैध काम करने वालों पर प्रभावी अंकुश लग सके। फिर भी इस साल चार माह व बीस दिन बीतने के बाद राज्य में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एक मात्र कार्रवाई जोधपुर में हो सकी है। पिछले साल भी प्रदेश में मात्र छह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत हो सकी थी।
पांच मामले सिर्फ एक चिकित्सक के खिलाफ
मूलत: उदयमंदिर आसन हाल कमला नेहरू नगर निवासी डा मोहम्मद इम्तियाज के खिलाफ 8 अक्टूबर 2016 में पीसीपीएनडीटी एक्ट की पहली कार्रवाई हुई थी। अब तक उसके खिलाफ ऐसे पांच मामले दर्ज हो चुके हैं। चार मामले कोर्ट में लम्बित हैं। डॉ. इम्तियाज अभी न्यायिक अभिरक्षा में है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील लम्बित
हिस्ट्रीशीटर डॉ इम्तियाज के खिलाफ 10 सितम्बर 2018 को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई। पीसीपीएनडीटी सैल ने इस जमानत आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर रखी है। यह विचाराधीन है।
मुख्यालय जयपुर, करतूत जोधपुर में
पीसीपीएनडीटी सूत्रों के अनुसार 8 अक्टूबर 2016 में पीसीपीएनडीटी के तहत गिरफ्तार होने वाले डॉ इम्तियाज को उसी दिन निलम्बित कर दिया गया था। तब से अब तक वो लम्बित है। निलम्बन काल मं उनका मुख्यालय जयपुर में रखा गया है। इसके बावजूद वह जोधपुर में रहकर भ्रूण की जांच में लिप्त है।
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