जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय सिंडिकेट की शनिवार को हुई बैठक में कुलपति प्रो. केएल श्रीवास्तव की सेवानिवृत्त पत्नी प्रो रांका श्रीवास्तव सहित दस शिक्षकों को पदोन्नति दी गई। कुलपति बनने के बाद पहली सिंडिकेट बैठक में सीएएस पदोन्नति के लिए पत्नी का लिफाफा खुलने से पहले प्रो. श्रीवास्तव ने खुद को बैठक से अलग कर लिया। बाद में सिंडीकेट में गवर्नर नॉमिनि पूर्व कुलपति कैलाश सोढ़ानी की अध्यक्षता में प्रो. रांका का लिफाफा खोला गया।
पदोन्नति इंटरव्यू के बोर्ड से भी प्रो. श्रीवास्तव ने खुद को अलग कर लिया था। विवि का कहना है कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में यह पदोन्नति हुई है। बैठक में भगत की कोठी पुलिस थाने के लिए विवि न्यू कैंपस की 2 बीघा जमीन देने के पिछली बैठक के मिनिट्स पास कर दिया गया, लेकिन विवि से सम्बद्ध 278 कॉलेजों की गेस्ट हाउस खोलने के लिए जमीन मांगने का प्रस्ताव मंजूर नहीं हो सका। विवि अधिकारियों ने कहा कि निजी कॉलेज निर्धारित शुल्क अदा कर व्यास विवि के गेस्ट हाउस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नहीं बदलेंगे छात्रावासों के नाम
विवि के अधीन संचालित 9 छात्रावासों के नाम बदलने का एजेंडा भी था, लेकिन विवि ने विवादों से बचने के लिए इसे हटा दिया। विवि की कमेटी ने छात्रावास संख्या 3 का नाम बीआर अम्बेडकर के नाम पर करने, जसवंत छात्रावास का शहीद भगत सिंह, छात्रावास संख्या-4 का एपीजे अब्दुल कलाम, पीजी गर्ल्स छात्रावास का अमृता देवी विश्नोई, एसटी गर्ल्स छात्रावास का कालीबाई भील और डायमण्ड गर्ल्स छात्रावास का नाम सावित्री बाई फुले के नाम पर करने की अनुशंषा की थी।
अब एआर-एसआर के हस्ताक्षर
बैठक में प्रोविजनल डिग्री रजिस्ट्रार की बजाय असिस्टेंट रजिस्ट्रार अथवा सेक्शन ऑफिसर्स के हस्ताक्षर से जारी करने पर मोहर लगा दी गई। गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने एक भर्ती परीक्षा के दौरान जेएनवीयू के छात्र सद्दाम खान जुनेजा को बिना रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर वाली प्रोविजनल डिग्री पर पात्रता निरस्त करने की चेतावनी दी थी। इस पर विवि प्रशासन ने गली निकालते हुए प्रावधान किया कि मांगने पर रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर\B वाली प्रोविजनल डिग्री भी दी जाएगी।
विधायकों का कार्यकाल बढ़ा
सिण्डीकेट में सरकारी प्रतिनिधि शहर विधायक मनीषा पंवार और लोहावट विधायक किसनाराम का कार्यकाल 9 मार्च को समाप्त हो गया था। सरकार ने बैठक से शुक्रवार को इनका कार्यकाल बढ़ा\B दिया। बैठक में पहुंचने पर दोनों विधायकों का सम्मान किया गया।
छात्रों का प्रदर्शन
सिंडीकेट बैठक के दौरान एमसीए के छात्रों ने जेएनवीयू की जगह एमबीएम विवि में पढ़ने के लिए प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ छात्र नेता राजवीर सिंह बांता और हरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में विवि की जमीन पुलिस और प्राइवेट कॉलेजों के देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भारी तादाद में पुलिस बल तैनात था। कुलपति प्रो. श्रीवास्तव ने बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर शांतिपूर्वक लौटा दिया।
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