संस्कारित जीवन मनुष्य की मूल्यवान वस्तु

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जोधपुर।
लघु उद्योग भारती की ओर से बुधवार को पारिवारिक स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नन्दलाल बाबा, भारती के अखिल भारतीय महासचिव घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कार्यवाह श्याममनोहर व जोधपुर महानगर संघचालक प्रकाश जीरावला के सानिध्य में भवन सभागार में हुआ। कार्यक्रम में नन्दलाल बाबा ने 'संस्कारित परिवार-सुखी परिवार' पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति आध्यात्म प्रधान संस्कृति है और इसमें धर्म, आस्था, रीतिरिवाज, परम्पराओं, विश्वास, भावना आदि का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने बताया कि आज हमारा देश पाश्चात्य संस्कृति के लोभ मे पड़कर भारतीय संस्कृति को भूलता जा रहा है और इसी लोभ के कारण हमारी संस्कृति और समाज का पतन हो रहा है। पाश्चात्य संस्कृति के दुष्प्रभाव के कारण पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण व संघर्षपूर्ण हो गया है तथा संयुक्त परिवार प्रणाली का विघटन हो रहा है। भारती के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम ओझा ने बताया कि संस्कारित जीवन ही मनुष्य की सबसे मूल्यवान वस्तु है। भारती के अंचल अध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में बच्चों के लिए खेलकूद सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। जिसमें बच्चों को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में अनेक उद्यमी अपने परिवार के साथ उपस्थित थे।
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