फैक्ट फाइल
18 नवंबर- 630 सैंपल
17 नवंबर-743
16 नवंबर-897
जोधपुर. जोधपुर में कोरोना केस शून्य आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह कम सैंपलिंग भी हो सकता है। ब्याह-शादियों की सीजन में हर रोज हजारों लोग जोधपुर आ और जा रहे हैं। गनीमत है कि कोरोना के केस जोधपुर में शून्य निकल रहे हैं। वहीं विभाग के प्रयासों को देखे तो अभी तक भी जोधपुर में सैंपलिंग 6 सौ-7 सौ हो रही है। जबकि कोरोना काल में रोजाना चार हजार से अधिक सैम्पलिंग होती थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार तर्क दे रहे हैं कि वे तो सैंपल लेने को तैयार हैं, लेकिन लोग टेस्टिंग कम करवा रहे है।
चिकित्सा विभाग की ओर से लगातार सैंपलिंग कम होती जा रही है। जबकि राजधानी जयपुर में कोरोना के बढ़ते मामले दूसरे जिलों के लिए भी चिंता का विषय बन गए है। अधिकारी खुद इसे तीसरे लहर की आहट समझ रहे हैं। जयपुर में ढाई साल के मासूम की मौत ने पूरा प्रदेश हिला दिया है। सवाल उठ खड़े हो रहे हैं कि बिना टीकाकरण कराए बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित है या नहीं। जोधपुर में अब ऑनलाइन क्लासेज बंद कर पूर्ण ऑफलाइन स्कूल खुल गए हैं, ऐसे में भय हैं कि बच्चों में कोरोना न फैल जाए।
खांसी-जुकाम अब लोग हल्के में ले रहे
इन दिनों कई लोग खांसी-जुकाम व बुखार की जद में हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीन लगी होने के कारण व श्वास में तकलीफ न होने के कारण भी कई लोग इसे सामान्य ले रहे हैं। ऐसे में हो भी सकता हैं कि शरीर में कोरोना वायरस हो। लेकिन ज्यादा खतरा तो वैक्सीन न लेने वाले लोगों को रहेगा।
इनका कहना है...
हम लगातार जोधपुर आने वाले यात्रियों को कोविड टेस्टिंग कराने के लिए कह रहे है, लेकिन लोग नहीं करवा रहे है। हमारा आग्रह हैं कि जो भी व्यक्ति यात्रा करके जोधपुर लौटे, वह अपनी कोरोना टेस्टिंग करवाए।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ
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