जोधपुर। दीपावली पर्व पर हवा में प्रदूषण को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर भी व्यवस्थाओं का कचरा हुआ है। शहर में जमा होने वाला कचरा भी पर्व के मौके व इससे कुछ दिन पहले करीब 200 टन तक बढ़ गया। गोवर्धन पूजा वाले दिन से लेकर रविवार तक तीन दिन में कई पॉइंट से कचरा उठा ही नहीं। ऐसे में त्योहारों के बाद भी सफाई व्यवस्था बेपटरी होती नजर आई।
शहर में जब एनकाउंटर प्रकरण को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रही और चार दिन तक कचरा नहीं उठा तो इसके बाद एकदम से भार बढ़ा और शहरी पॉइंट से कचरा हटा कर तीन अस्थाई डम्पिंग यार्ड में डाला गया। यहां से प्रतिदिन अब बड़ी मात्रा में कचरा केरू पहुुंचाया जा रहा है। इन दिनों प्रतिदिन 800 से 900 टन कचरा केरू मुख्य डम्पिंग यार्ड पहुंच रहा है। इससे पहले शहर में औसतन 650 टन कचरा एकदिन में एकत्रित होता रहा है।
फैक्ट फाइल
- 650 टन औसत एक दिन में कचरा निकलता है शहर से
- 800 से 900 टन के बीच कचरा पिछले 10-15 दिन में पहुंच रहा केरू डम्पिंग स्टेशन
- 4 दिन एनकाउंटर मामले में हड़ताल की वजह से बेपटरी हुई थी व्यवस्था
- 10 दिन में मुश्किल से पटरी पर आई और त्योहारी छुटिटयों के बाद फिर बिगड़ी
- 3 दिन से कई पॉइंट पर नहीं उठा शहर में कचरा
- 1 ठेका कंपनी की नाकामी आई सामने
शहर के अधिकांश पॉइंट पर पड़ा है कचरा
दीपावली के दिन और उससे पहले तो जोर-शोर से सफाई अभियान शुरू हुआ। लेकिन गोवर्धन पूजा के दिन से सफाई व्यवस्था चरमराने लगी। उस दिन छुट्टी रही, लेकिन अगले दिन शनिवार को कामकाज हुआ। इस दिन भी कई पॉइंट से कचरा नहीं उठा। रविवार के दिन फिर से सफाई कर्मचारी छुटटी पर रहे। ऐसे में परकोटा शहर के अलावा भी कई पॉश कॉलोनियों में तीन से चार दिन तक कचरा सडांध मारता रहा।
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