जोधपुर. अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ प्रकरण) सुषमा पारीक ने चार वर्ष पूर्व कुड़ी भगतासनी में दहेज के लिए प्रताडि़त करने पर आत्महत्या मामले में 22 वर्षीय आरोपी पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। गत 16 सितंबर 2017 को परिवादी अर्जुनराम ने कुड़ी भगतासनी पुलिस थाना में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसकी बहन अंजली की शादी 17 जनवरी 2017 को मनीष के साथ हिंदू रीति रिवाज से संपन्न हुई।शादी के कुछ समय बाद ही आरोपी पति दहेज के लिए लाखों रुपए तथा कार की मांग करने लगा,15 सितंबर 2017 को उसकी बहन की कथित रूप से फांसी से मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी खिलाफ चालान पेश किया।अपर लोक अभियोजक ने अंतिम बहस करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ दहेज प्रताडऩा तथा आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप सिद्ध है। आरोपी की ओर से आरोपों का विरोध किया।कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 49 पेज के विस्तृत फैसले में मूलत: देचु पुलिस थाना हाल कुडी़ हाउसिंग बोर्ड निवासी मनीष उर्फ पिंटु पुत्र केवलराम को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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