SOWING--रबी बुवाई शुरू, जीरे से ज्यादा तिलहन को तरजीह

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।
जिले में मौसम का तापमान कम होते ही रबी सीजन की बुवाई शुरू हो गई है। अभी किसान सरसों की बिजाई में लगे हुए है। रबी सीजन के दौरान सबसे पहले सरसों की ही बिजाई की जाती है लेकिन इस बार सरसों की बिजाई की ओर किसानों का विशेष रुझान है, क्योंकि इस वर्ष तिलहन फ सलों के अच्छे दाम मिलना है। वहीं जीरे की फ सल के बाजार भाव कमजोर रहने से किसान जीरे के बजाए सरसों को बुवाई में तरजीह देने का रुझान दिख रहा है। जोधपुर जिले में इस रबी सीजन में 5 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई होने का अनुमान है।
--
दीपावली से पहले 2 लाख हैक्टेयर में बिजाई का अनुमान
जिले में मुख्यत: रायड़ा, पीली सरसों, जीरा, गेंहू, चना, लहसुन, इसबगोल की बिजाई की जाती है। खरीफ फ सल कटाई के साथ ही रबी की बिजाई शुरू हो जाती है और दीपावली से पहले 2 लाख हैक्टेयर में रायड़ा व पीली सरसों की बिजाई का अनुमान है। दिन के तापमान में गिरावट के साथ ही क्षेत्र में जीरा, लहसुन, इसबगोल की बुवाई शुरू हो जाएगी। वहीं मूंगफ ली की फ सल कटाई के बाद गेहूं और चने में भी बिजाई शुरू होनी है।
---
चुनौतियां भी कम नहीं
खरीफ सीजन में बड़ा नुकसान झेल रहे किसान रबी सीजन की बुवाई को लेकर जहां उत्साहित है। वहीं बुवाई के दौरान किसानों के सामने चुनौतियां भी बढ़ती जा रही है। जिले में रबी सीजन की फ सलों की सिंचाई पूरी तरह विद्युत से चलने वाले ट्यूबवेल पर निर्भर है। ऐसे में बिजली कटौती व लंबित कृषि कनेक्शन जारी होने में देरी की चिंता किसानों को सता रही है। डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर भी किसान चिंतित है। वही डीजल के लगातार बढ़ रहे दाम फ सल बुवाई लागत को बढ़ाने का काम कर रहे है। जिससे किसान विशेष रूप से फ सल उत्पादन लागत बढऩे को लेकर भी आशंकित है।
-----
किसानों ने दिया अल्टीमेटम
भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मानकराम परिहार, जिला मंत्री मेघाराम तरड़, पूर्व प्रांत प्रचार प्रमुख तुलछाराम सिंवर ने बताया कि जिले में रबी सीजन की बुवाई शुरू हो गई है। खरीफ में नुकसान से चिंतित किसानों के लिए रबी सीजन में बुवाई के दौरान ही बहुत सारी मुश्किलें खड़ी हो गई है। सरकार से लंबित कृषि कनेक्शन जारी करने, पर्याप्त विद्युत आपूर्ति, डीएपी उपलब्ध करवाने व ब्याज मुक्त सहकारी ऋ ण उपलब्ध करवाने के साथ ही डीजल के दामों में कटौती की मांग की है। अगर स्थितियां नही सुधरी तो 20 अक्टूबर से तहसील से आंदोलन को मजबूर होंगे।

-----



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3C0FGVS
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment