दो माह में यूं बढ़ा ग्राफ
- पॅराशिटामॉल पहले- 15 लाख रुपए से ज्यादा बिक्री- अब- अनुमानित 35 लाख रुपए से ज्यादा विक्रय
- मच्छर रोगी स्प्रे व मेट पहले-40 लाख रुपए कारोबार- अब लगभग 80 लाख रुपए से ज्यादा तक विक्रय
जोधपुर. कोरोनाकाल के बीच डेंगू मच्छर ने धावा बोल रखा है। घर-घर लोग वायरल बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। डेंगू से बीमार बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हैं। प्रशासन व निगम की ओर से फोगिंग के दावे भी विफल साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तालाबों में छोड़ी गई गंबुसियां मछलियां भी नाकाम साबित हो रही है। अब भी घरों में जमा पानी में लार्वा मिल रहे हैं। इससे लोग मच्छरों को लेकर सावधान हो गए है। मच्छर मारने के स्प्रे, मेट व पॅराशिटामॉल दवाइयों की खरीद बढ़ गई है। मौसमी बीमारियों की सीजन में इन प्रोडक्ट की कीमतें भी बढ़ गई है।
लोग गटक रहे पॅराशिटामॉलबीमारियों को लेकर पहले से जागरूक कई लोग अब बुखार चढ़ते ही बिना डॉक्टर के परामर्श पर सीधा पॅराशिटामॉल सॉल्ट के विभिन्न ब्रांड की गोलियां लेना शुरू कर देते है। अनुमान हैं कि पॅराशिटामॉल दवा ने सितंबर-अक्टूबर माह में जोधपुर में लगभग 50 लाख रुपए से अधिक का कारोबार कर लिया है।
घर-घर स्प्रे व मेट लाए लोग
डेंगू सीजन से घबराए लोग घरों में मच्छररोधी स्प्रे व इलेक्ट्रिकल्स मेट ले आए हैं। जोधपुर निवासी खुशबू ने बताया कि उनके क्षेत्र में फोगिंग करने वाला कोई नहीं आया। रोज वे पत्रिका में डेंगू के बारे में पढ़ती है, घर में डेंगू न फैले, इसलिए मच्छर स्प्रे व मेट भी कमरों में लगाने के लिए खरीदी है।
अस्पतालों में लोगों की बढ़ी भीड़
शहर के जिला व मेडिकल कॉलेज अस्पताल मरीजों की भीड़ बढ़ चुकी है। मंडोर जिला अस्पताल में भी मरीजों की जोरदार भीड़ देखी जा रही है। मंडोर जिला अस्पताल में एक ही वातानुकूलित कक्ष होने के कारण सभी डॉक्टर एक ही जगह एकत्रित होते हैं। इस कारण एकाएक ओपीडी में भीड़ लग जाती है और परेशानी आती है। उम्मेद अस्पताल में भी शनिवार को ब्लड संग्रहण केंद्र पर मरीजों की भीड़ नजर आई। ज्यादातर माएं बच्चों के डेंगू जांच सैंपल लेकर कतार में खड़ी नजर आई।
लगना पड़ता है पांच लाइन में
इन दिनों डॉक्टर से इलाज कराने के लिए कई घंटे इंतजार करते हैं। लोगों को पांच लाइनों में कतार लगानी पड़ती है। पहली लाइन पर्ची के लिए, दूसरी डॉक्टर को दिखाने, तीसरी पर्ची नंबर, चौथी जांच के लिए कतार और पांचवीं कतार दवा लेने के लिए लगती है। ये ढर्रा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का भी है।
इनका कहना हैं...
जोधपुर में पॅराशिटामॉल दवा की बिक्री बढ़ी है। एक कारण डेंगू है, दूसरा लोग कोविड टीका लगाने के बाद भी पॅराशिटामॉल लेते है। जोधपुर में इस दवा की बिक्री 10 लाख रुपए अधिक ही होती है। मौसमी बीमारियों की सीजन में बिक्री बढ़ी है।
- हरिश दरियानी, सचिव, जोधपुर मेडिकल एसोसिएशन
स्प्रे की बिक्री बढ़ी हैजोधपुर में मच्छर मारने के स्प्रे व अन्य प्रोडक्ट की की पूर्व में बिक्री 30 लाख थी, अब लगभग डबल हो चुकी है।
- कुशाल तापडिय़ा, होलसेल व्यापारी
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