CHINA CRISIS--चीन में बिजली संकट से गहराया औद्योगिक उत्पादन

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जोधपुर।
वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पाबंदियों से सिसकते रहे जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग की गाड़ी धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही है। वहीं, अब कोरोना के बाद चीन इन दिनों बिजली संकट से गुजर रहा है, इसके चलते वहां के उद्योग-धंधों का चलना मुश्किल हो गया है और औद्योगिक उत्पादन चरमरा गया है। इससे विदेशी ग्राहकों का चीन से भरोसा टूटता जा रहा है। इसका कुछ फायदा भारत के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को होता नजर आ रहा है।कई नए विदेशी ग्राहक चीन की बजाए अब भातीय निर्यातकों के साथ काम करने में अपनी इच्छा जाहिर कर रहे है । नए ग्राहक अपने प्रोडक्ट की संभावनाएं भारत में तलाश रहे है । विदेशी ग्राहक जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के साथ भी नए ऑर्डर्स पर काम करना चाह रहे है । गत दो वर्षो में रूटीन विदेशी बायर्स के साथ अन्य दूसरे नए देशों के बायर्स भी जोधपुर के निर्यातकों से जुड़े है।
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गत दो वर्षो की तुलना में कारोबार कम
हैण्डीक्राफ्ट का निर्यात कारोबार वर्ष 2019 की अपेक्षा 2020 में थोडा कम है लेकिन वित्तीय वर्ष 2021 के शुरुआती 6 माह में निर्यात बढ़ा है। इससे कारोबारियों को अब कोरोना वायरस के संक्रमण से उबरने की उम्मीद नजर आ रही है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष तक हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कोरोना के संकट से पूरी तरह उबर सकता है। अगस्त से मध्य अक्टुबर तक निर्यातकों के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण समय होता है। क्रिसमस के ऑर्डर इसी समय में रवाना करने होते हैं। इन दिनों कंटेनर नहीं मिलने के कारण फैक्ट्रियों में पैक माल का ढेर लग रहा है ।
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समस्याएं भी कम नहीं
शिपिंग भाड़े में बढोतरी व कन्टेनरों की कमी की है । शिपिंग किराए में हुई असमान्य बढोतरी ने जोधपुर सहित देश के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार को पूरी तरह से हिला दिया है । पिछले 6 माह की अवधि में यह किराया करीब 4 गुना तक बढ़ गया है । इससे निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है । जोधपुर से प्रतिवर्ष 3 हजार करोड़ का हस्तशिल्प उत्पाद, फर्नीचर व सजावट के उत्पाद करीब 35 हजार कन्टेनरों में निर्यात किया जा रहा है । कन्टेनरों की उपलब्धता बढाई जाए तो आने वाले कुछ ही वर्षा में जोधपुर का निर्यात 5 हजार करोड़ का हो सकता है ।
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चीन से विदेशी ग्राहकों का टूटना जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार के लिए अच्छे संकेत है। कंटेनरों की उपलब्धता व शिपिंग चार्ज में कमी के लिए प्रयास कर रहे है।
डॉ भरत दिनेश, सीओए सदस्य
ईपीसीएच
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कोरोना का साया कम होने से कुछ पाबंदियों के साथ विश्व के बाजार भी धीरे-धीरे खुल रहे है। जोधपुर के निर्यातकों को ऑर्डर्स मिल रहे है। कंटेनर व शिपिंग चार्ज की समस्या सुलझ जाए तो निर्यात आसान होगा।
राधेश्याम रंगा, वरिष्ठ हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक
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