जोधपुर. भगवान विष्णु को समर्पित कार्तिक का पवित्र महीना गुरुवार से शुरू हो चुका है। इसी माह अंधेरे पर उजाले की जीत व शांति-समृद्धि व आरोग्य के पंचपर्व से पहले खरीदारी के शुभ योग बनने से सूर्यनगरी के बाजारों में जमकर धनवर्षा की उम्मीद है। कार्तिक मास के प्रथम सप्ताह में 22 अक्टूबर- राज योग, 2& और 25 अक्टूबर को अमृत सिद्धि योग तथा 27 अक्टूबर- रवि योग बना है। 28 अक्टूबर-सर्वार्थ सिद्धि योग बना है। गुरु पुष्य नक्षत्र के साथ
खरीदारी के लगातार पारम्परिक मंगल योग के होने के कारण व्यापारियों को बाजार में मिनी धनतेरस की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन में माइक्रोवेव ओवेन, कम्प्यूटर, मोबाइल, नॉनस्टिक रसोई की वस्तुएं, एलईडी, प्रोपर्टी, फ्लेट, वाहन, साज-सजावट, फर्नीचर व आभूषण सहित गृह उपयोगी नवीन उत्पादों की शृंखला खरीदने के लिए घरों में बजट के अनुसार विशेष योजनाएं बननी शुरू हो गई है।
उदित तिथि अनुसार कार्तिक मास शुरू
पूर्णिमा की गणना से 20 अक्टूबर को शाम में कार्तिक प्रतिपदा तिथि शुरू हो चुकी है लेकिन उदित तिथि के हिसाब से 21 अक्टूबर से कार्तिक का महीना शुरू हुआ है। जबकि संक्रांति के हिसाब से 17 अक्टूबर से ही कार्तिक का महीना लग चुका है। इस महीने में श्रीहरि की पूजा करना और उनको सबसे प्रिय तुलसी की पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। कार्तिक मास में सुबह जल्दी उठकर स्नान और विष्णु पूजन से शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है और हर मनोकामना पूरी होती है। कार्तिक महीने में भगवान की प्रिय तुलसी की पूजा करना शुभ माना जाता है। कार्तिक महीने में पूरे महीने तुलसी के नीचे दीपक जलाने से आपके घर में धन वृद्धि होती है। मान्यता है कि इस महीने में तुलसी माता और शालिग्राम का विवाह करने से पारिवारिक सस्मयाएं और मन के सभी विकार दूर होने में मदद मिलती हैं।
बदल गई ठाकुरजी की दिनचर्या
शहर के ठाकुरजी के मंदिरों में कार्तिक मास शुरू होते ही ठाकुरजी की दिनचर्या भी बदल गई है। कटला बाजार स्थित कुंज बिहारी मंदिर के महंत भंवरदास निरंजनी ने बताया कि सुबह मंगला, राजभोग व शयन समय में आधे घंटे का परिवर्तन किया गया है।
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