जोधपुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र के अंदर सबसे बड़ा मंदिर लोकतांत्रिक रूप से संसद है। विश्व के अंदर लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं मजबूत हो और सशक्त हो, इस पर चर्चाएं चलती रहती हैं। वे गुरुवार को केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत की माता के निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करने जोधपुर पहुंचे थे।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में स्पीकर बिरला ने कहा कि विश्वव्यापी सम्मेलन में भी इस पर चर्चा हुई। अब सारी दुनिया मान रही है कि शासन चलाने के लिए लोकतांत्रिक पद्धति महत्वपूर्ण है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसलिए भारत लोकतंत्र के रूप में संपूर्ण देशों का मार्गदर्शन करने का कार्य करता है। हमारी कार्य प्रणाली में संसद के अंदर डिबेट हो, चर्चा हो या फिर संवाद हो, इसमें सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की अपेक्षाएं व आंकाक्षाओं को रखें, इनको सरकार पूरी करे। प्रयास हो रहे हैं कि लोकतंत्र में पूरी पारदर्शिता रहे। ताकि जनता का कल्याण संस्थाओं के माध्यम से हो सके।
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