विकास चौधरी
जोधपुर.
आमजन बैंक खातों में जमा राशि को सर्वाधिक सुरक्षित मानता है, लेकिन ऑनलाइन ठग गिरोहों के कारण यह भरोसा टूटता जा रहा है। पहले साइबर ठग मोबाइल कॉल से झांसे में लेकर बैंक खाता व एटीएम कार्ड नम्बर की जानकारी व ओटीपी नम्बर हासिल कर खातों से रुपए निकालते थे, लेकिन अब चेक बुक या फर्जी चेक के मार्फत भी खातों में सेंध लगाई जा रही है। जोधपुर में ऐसे पांच मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में ऐसी ठगी में बैंक या खाताधारक के निकटतम व्यक्ति के शामिल होने की बात भी सामने आई, जिन्होंने ठगों तक खाते में बड़ी राशि जमा होने की जानकारी पहुंचाई।
ऐसी स्थिति में बैंक प्रबंधन के साथ-साथ खाताधारक को भी अतिरिक्त सावचेती बरतने की आवश्यकता है, ताकि खातों में राशि सुरक्षित रह सके।
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ऐसे बचा जा सकता है धोखाधड़ी से
- बैंक अथवा खातों के बारे में परिवार के सदस्यों तक ही जानकारी रखी जाए। किसी भी बाहरी व्यक्ति को बैंक खातों के बारे में न बताएं।
- बैंक खाते में कितनी राशि है या नहीं है, यह किसी बाहरी व्यक्ति से शेयर नहीं करें।
- आवेदन करने पर बैंक से जारी चेक बुक खाताधारक के खाते में उल्लेखित पते पर डाक से पहुंचती है। यदि निर्धारित समय पर चेक बुक नहीं मिले तो बैंक जाकर इस बारे में कारण का पता अवश्यक लगाना चाहिए।
- चेक से बड़ी राशि ट्रांसफर करने से पहले बैंक प्रबंधन खाताधारक से उसके अधिकृत मोबाइल नम्बर पर कॉल कर चेक जारी करने की पुष्टि करता है। ऐसा करने के दौरान बैंक प्रबंधन अपने स्तर पर आश्वस्त अवश्य हो कि उसकी बात खाताधारक या उसके अधिकृत व्यक्ति से ही हुई है।
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पांच मामले सामने आए, चार एफआइआर दर्ज
चेक के मार्फत किसी अन्य के खातों से अपने खातों में रुपए ट्रांसफर कराने या ऐसा प्रयास करने के पांच मामले सामने आ चुके हैं। इनमें जोधपुर के रातानाडा, शास्त्रीनगर व सरदारपुरा थाने में तीन एफआइआर दर्ज हो चुकी है। जबकि फर्जी चेक से राशि निकालने का प्रयास करने पर जोधपुर के व्यवसायी ने बिहार के पटना में भी मामला दर्ज कराया था।
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केस : 1
पुत्र की शादी के लिए मकान बेचा, खाते से 49 लाख पार
बलदेव नगर निवासी पतासीदेवी पत्नी कालूराम प्रजापत ने पुत्र की शादी धूमधाम से करने के लिए चौहाबो क्षेत्र में अपना मकान गत वर्ष 47 लाख में बेचा था। राशि शास्त्रीनगर पीएंडटी चौराहे के पास पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करा दी। खाते में कुल 49 लाख रुपए हो गए। गत 5 नवम्बर को पास बुक की एन्ट्री कराने पर खाते से 49 लाख रुपए निकालने का पता लगा था। वृद्धा ने शास्त्रीनगर थाने में एफआइआर दर्ज कराई। पुलिस ने यूपी में प्रयागराज निवासी इरशाद अली, मोहम्मद जुबेर, लखनऊ निवासी विनय, हरदोई निवासी तौसिब अहमद व मूलत: व्यास कॉलोनी हाल केबीएचबी निवासी जितेन्द्रसिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि जितेन्द्र को मुम्बई स्थित बैंक की शाखा के एक मैनेजर ने वृद्धा के खाते में बड़ी राशि होने की जानकारी दी थी। तब जितेन्द्र ने फर्जी चेक बनाकर यह राशि निकाल ली।
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केस : 2
तीन फर्जी चेक लगाए, एक से 7.39 निकाले
पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी व्यवसायी का बैंक ऑफ बड़ोदा की जेएनवीयू शाखा में खाता था। उन्होंने एलआइसी के नाम फरवरी में चेक बनाया, लेकिन उसे निरस्त कर दिया था। गत 25 फरवरी को इसी नम्बर के चेक में 7.39 लाख रुपए भरकर विजय मड्डू मेण्डन नाम से बैंक में लगा दिया गया। चेक से राशि ट्रांसफर भी हो गई। व्यवसायी के इसी खाते से गत जनवरी में भी फर्जी चेक से 1.98 लाख रुपए ट्रांसफर करने का प्रयास किया गया, लेकिन बैंक प्रबंधन की सजगता यह विफल हो गया। व्यवसायी के इसी खाते से बिहार के पटना में भी गत वर्ष अक्टूबर में फर्जी चेक लगाकर रुपए निकालने का प्रयास किया गया।
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केस : 3
सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी के खाते से 6.60 लाख निकाले
भीलवाड़ा में छाबडिय़ा गांव निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी लालाराम पुत्र पेमाराम मीना का जोधपुर में जलजोग चौराहे के पास एक्सिस बैंक में खाता है। उन्होंने 20 दिसम्बर को भीलवाड़ा शाखा में चेक बुक व एटीएम के लिए आवेदन किया, लेकिन चेक बुक नहीं मिली। गत माह वे रुपए निकालने देवली स्थित बैंक की शाखा में गए तो पता लगा कि कोई अज्ञात व्यक्ति पांच चेक से 6.60 लाख रुपए निकाल चुका है।
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