जोधपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित कॉलेज व्याख्याता भर्ती परीक्षा के राजनीति विज्ञान विषय की ऐच्छिक परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। एक ही गाडइ से दो तिहाई से अधिक प्रश्न परीक्षा में पूछे जाने पर आरपीएससी से अब जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही परीक्षा के वापस करवाने अथवा पेपर सेटर/मोडरेटर पर कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज व्याख्याता परीक्षा 22 सितम्बर से लेकर 4 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में आयोजित की गई। 23 सितम्बर से ऐच्छिक विषय के प्रश्न पत्र शुरू हो गए। राजनीति विज्ञान विषय का प्रश्न पत्र 29 सितम्बर को था। इसमें प्रदेश भर से 5300 ने परीक्षा दी। दो पारियों में हुए प्रश्न पत्र में प्रत्येक में 150-150 प्रश्न पूछे गए जो 75-75 पूर्णांक के थे। दोनों ही पारियों के 300 प्रश्न पत्र में से 208 प्रश्न जोधपुर के एक प्रोफेसर की गाइड से पूछे गए। इसमें से 148 प्रश्न हुबहू छापे गए। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के मुताबिक यह गाइड केवल 30 फ़ीसदी पाठ्यक्रम ही कवर करती है जबकि परीक्षा में दो तिहाई सवाल इससे पूछे गए हैं।
प्रोफेसर के स्कॉलर्स को थी प्रश्न पत्र की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक प्रोफ़ेसर के निकटतम रिश्तेदारों और स्वयं के स्कोलर्स को इस प्रश्न पत्र के बारे में जानकारी थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कॉलर्स ने अन्य अभ्यर्थियों को बताया कि परीक्षा में उनके बेहतर अंक बन रहे हैं और उनका चयन सुनिश्चित होगा। इस गाइड को लिखने वाले सह संपादक के भी इसी परीक्षा में बैठने की सूचना है।
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हमने इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के बाद संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
- शुभम चौधरी, सचिव, आरपीएससी अजमेर
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