जोधपुर. तापमान में गिरावट का असर माचिया जैविक उद्यान के एन्क्लोजर में वन्यजीवों की दिनचर्या पर भी पडऩे लगा है। केट सेक्शन में टाइगर, पैंथर, लॉयन की दिनचर्या में आंशिक बदलाव शुरू हो गया है। मोट्स परिसर में विचरण करने वाले केट प्रजाति के वन्यजीव अधिकांश समय शेल्टर हाउस में ही बिताने लगे है। दिन भर अपनी अठखेलियों से दर्शकों को लुभाने वाली भालू भी ज्यादातर समय मोटस परिसर के बजाए पिंजरे में बिताने लगे है।
उपवन संरक्षक वन्यजीव विजय बोराणा ने बताया कि वन्यजीवों को मौसम में बदलाव के साथ साथ सर्दी जनित रोगों से बचाने के लिए पशु चिकित्सकों की सलाह पर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली दवाइयां दी जाएगी।सर्द हवाओं से बचाव के लिए एन्क्लोजर व शेल्टर हाउस में पर्दे व हीटर लगाए जाएंगे। हालांकि माचिया बॉयोलॉजिकल पार्क के वन्यजीवों को अपनी 'दिवालीÓ मनाने के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा। उल्लेखनीय है इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने भारत के सभी जंतुआलय में वन्यजीवों की डाइट के लिए नए मानदंड तय कर देश के सभी चिडिय़ाघरों में मौसम के अनुसार नया डाइट चार्ट लागू करने को कहा था।
मल्टी विटामिन खुराक दी जाएगी
सर्दीजनित रोगों से बचाव के लिए वन्यजीवों को मल्टी विटामिन्स के साथ मांसाहारी वन्यजीवों को मीट की जगह सूप, चिकन, मटन और शाकाहारी वन्यजीवों की डाइट में परिवर्तन कर फ्रूट, सब्जियां दी जाएगी। खुराक में बदलाव की प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. ज्ञानप्रकाश, वन्यजीव चिकित्सक, माचिया जैविक उद्यान जोधपुर
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